रायपुरः Chhattisgarh Sankalp Budget 2026 छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में शासन की नई शैली और प्राथमिकताओं का स्पष्ट बदलाव देखने को मिला है। सरकार ने अपने कार्यकाल में “सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण” को केंद्र में रखते हुए कई अहम पहलें की हैं, जिनका असर राज्य के विभिन्न वर्गों किसान, गरीब, युवा और महिलाओं पर दिखाई दे रहा है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार का हालिया बजट राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं और विकास की दिशा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों और विज़न का प्रतिबिंब है, जिसमें किसान, ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को केंद्र में रखा गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली सुशासन की सरकार ने GYAN, GATI के बाद SANKALP पर फोकस किया है। इस बार का बजट SANKALP थीम पर आधारित है। छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार का बड़ा रोडमैप सामने रखा है। सरकार ने इस वर्ष कुल व्यय 1.72 लाख करोड़ रुपए निर्धारित किया है, जिसमें राजस्व व्यय 1.45 लाख करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय 26,500 करोड़ रुपए रखा गया है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसी स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को गति मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी। बजट में पूंजी निवेश के लिए केंद्र से मिलने वाली विशेष सहायता को 4,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 8,500 करोड़ रुपए किया गया है, जिससे बड़े बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं राजकोषीय घाटा GSDP के 2.87 प्रतिशत पर नियंत्रित रखा गया है, जो संतुलित वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है और राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत देता है।
Chhattisgarh Sankalp Budget 2026 साय सरकार ने बजट में कृषि क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। धान खरीदी, समर्थन मूल्य और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। साथ ही सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार के लिए बजट में विशेष राशि का प्रावधान कर कृषि उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया है। सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जिससे किसानों को आर्थिक सहायता और कृषि विकास को गति मिलेगी। कृषि पंपों के लिए 5,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था कर सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, वहीं भूमिहीन कृषि परिवारों के समर्थन के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग, एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग, राइस मिल और पोल्ट्री फार्म जैसे रोजगारमूलक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ बजट 2026–27 में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने महिलाओं के नाम से संपत्ति क्रय पर लगने वाले पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ‘रानी दुर्गावती योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसक साथ ही ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना’ लागू की जाएगी, वहीं उनके सामाजिक सशक्तिकरण के लिए 250 महतारी सदनों के निर्माण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा महतारी वंदन योजना के लिए भी राशि आवंटित की गई है।
बजट में गरीब, श्रमिक और कमजोर वर्गों के लिए कई योजनाओं को जारी रखते हुए उनका दायरा बढ़ाया गया है। राशन, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटन बढ़ाया गया है, जिससे आम जनता को राहत मिले। साय सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी है। स्कूलों के उन्नयन, शिक्षकों की भर्ती और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज एवं मेडिकल सिटी की स्थापना की घोषणा की गई है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में डॉक्टरों की विशेष भर्ती की जाएगी, ताकि दूरस्थ इलाकों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार अपने ही क्षेत्र में मिल सके। सड़क, पुल और शहरी विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए बजट में बड़ा आवंटन किया गया है। इससे राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
राज्य में 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना के लिए 450 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य की 36 सड़कों को मुख्यमंत्री सड़क संपर्क योजना से जोड़ा जाएगा, जिनमें न्यूनतम दो लेन सड़क का प्रावधान रहेगा। सीजी वायु योजना के माध्यम से बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर सहित अन्य क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 1947 से 2014 तक जितने एयरपोर्ट बने, उससे अधिक एयरपोर्ट पिछले दशक में बने हैं और राज्य सरकार भी इस दिशा में सहयोग कर रही है। छत्तीसगढ़ असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटेटिव एग्जाम योजना के तहत ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ घटकों के माध्यम से केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी। नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना तथा लैंड बैंक के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं ‘निपुण’ योजना के माध्यम से नई पीढ़ी को औद्योगिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट राज्य के सर्वांगीण और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विधानसभा में संकल्प-आधारित यह बजट प्रस्तुत करते हुए सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। नीति, न्याय, निवेश, निर्माण और नवाचार के पंचतत्त्वों पर आधारित यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ के विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर-2047’ के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में ठोस एवं परिणाममुखी कदम माना जा रहा है। सरकार के इन फैसलों से लोगों में खुशी की नई लहर देखने को मिल रही है और साय सरकार को हितैषी बता रहे हैं।