जयपुर, 22 मार्च (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को हरियाणा, ओडिशा और बिहार में हुए राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस विधायकों द्वारा की गई ‘क्रॉस-वोटिंग’ को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय’’ करार दिया।
गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब यह समझना कठिन है कि विधायक मतपत्र दिखाने की अनिवार्यता के बावजूद ‘क्रॉस-वोटिंग’ में कैसे शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने 2022 के राजस्थान राज्यसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने एकजुटता और नेतृत्व के प्रति निष्ठा दिखाई थी।
गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस के पास 102 विधायक होने के बावजूद 126 विधायकों ने पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा समर्थन पार्टी आला कमान के विश्वास और किसी भी प्रकार के प्रलोभन की अनुपस्थिति के कारण संभव हुआ था। उन्होंने राज्यसभा चुनावों के मतदान नियमों में बदलाव की मांग की और सुझाव दिया कि जो विधायक अपनी पार्टी के खिलाफ मतदान करते हैं, उनकी सदस्यता रद्द कर दी जानी चाहिए।
भाषा बाकोलिया धीरज
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