सीईसी ने बैठक के दौरान बंगाल के सरकारी अधिकारियों को धमकाया, यह दुस्साहस स्वीकार्य नहीं: ममता

सीईसी ने बैठक के दौरान बंगाल के सरकारी अधिकारियों को धमकाया, यह दुस्साहस स्वीकार्य नहीं: ममता

सीईसी ने बैठक के दौरान बंगाल के सरकारी अधिकारियों को धमकाया, यह दुस्साहस स्वीकार्य नहीं: ममता
Modified Date: March 9, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: March 9, 2026 7:51 pm IST

कोलकाता, नौ मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर एक बैठक के दौरान राज्य के अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर आसीन अधिकारियों का “दुस्साहस” दिखाना स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ की बैठक के बाद यह टिप्पणी की है, जिसमें राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने अप्रैल में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की।

कोलकाता में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में धरनास्थल पर पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि सीईसी ने राज्य के नौकरशाही तंत्र के प्रति धमकी भरा लहजा अपनाया है। उन्होंने कहा, “सीईसी ने आज बैठक में हमारे अधिकारियों को धमकाया। मैं सीईसी से कहना चाहती हूं कि साहस होना अच्छी बात है, लेकिन दुस्साहस अच्छा नहीं।”

अधिकारियों के अनुसार, कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीईसी ने राज्य में स्वापक सलाहकार समिति के न होने पर भी सवाल उठाया और अधिकारियों को चुनाव से पहले निगरानी तंत्र मजबूत बनाने के निर्देश दिए।

आयोग पर हमला तेज करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल लोगों को मताधिकार से वंचित करने के लिए किया जा रहा है।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “हम बस यही कहना चाहते हैं; हर किसी को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए। हम सभी के लिए मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना चाहते हैं।”

उन्होंने यह दावा भी किया कि डराने-धमकाने और मतदाता सूची से नाम हटाने को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर आपको लगता है कि आप लोगों पर हमला करके, उन्हें डराकर और मतदाता सूची से नाम हटाकर सत्ता हासिल कर सकते हैं, तो ऐसा नहीं होगा।”

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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