लोकसभा में केंद्र का जवाब- SC-ST को मिल रहा कहीं अधिक आरक्षण, OBC का तय से कम है प्रतिनिधित्व | Center replies in Lok Sabha- Getting more reservation for SC-ST OBC is less than the fixed representation

लोकसभा में केंद्र का जवाब- SC-ST को मिल रहा कहीं अधिक आरक्षण, OBC का तय से कम है प्रतिनिधित्व

लोकसभा में केंद्र का जवाब- SC-ST को मिल रहा कहीं अधिक आरक्षण, OBC का तय से कम है प्रतिनिधित्व

:   Modified Date:  November 29, 2022 / 08:08 PM IST, Published Date : July 17, 2019/12:35 pm IST

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने लोकसभ में एक सवाल का जवाब देते हुए ये जानकारी दी है की नौकरियों में एससी और एसटी वर्ग से आने वाले लोगों का प्रतिनिधित्व उनके लिए तय प्रतिशत से अधिक है। वहीं ओबीसी का प्रतिनिधित्व उनके लिए तय प्रतिशत से कम है।
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लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में कार्मिक मंत्रालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सितंबर 1993 में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए रिजर्वेशन लागू होने के बाद से उनका प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है।राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, उपलब्ध सूचनाओं के मुताबिक 1 जनवरी 2012 को ओबीसी का प्रतिनिधित्व 16.55 प्रतिशत था जो 1 जनवरी 2016 को बढ़कर 21.57 प्रतिशत हो गया है। राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि 78 मंत्रालयों और विभागों के मुताबिक 1 जनवरी 2016 तक केंद्र सरकार की नौकरियों में एससी, एसटी और ओबीसी का प्रतिनिधित्व क्रमशः 17.49 प्रतिशत, 8.47 प्रतिशत और 21.57 प्रतिशत था।

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केंद्रीय मंत्री ने बताया, एससी और एसटी का प्रतिनिधित्व उनके लिए तय आरक्षण (क्रमशः 15 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत) से अधिक है। केंद्र सरकार की नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व 21.57 प्रतिशत है जो उनके लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण की तुलना में कम है।

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राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि 1 जनवरी 2016 तक 79 मंत्रालयों और विभागों में से 78 ने SC, ST और OBC के प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़े जारी किए थे। 1 जनवरी 2017 और 1 जनवरी 2018 को 75 में से 61 प्रशासनिक मंत्रालयों ये

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जितेंद्र सिंह ने बताया कि इन मंत्रालयों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक आरक्षित श्रेणी की कुल 92,589 रिक्तियां बैकलॉग में थीं। इनमें से SC के लिए 29,198, ST के लिए 22,829 और OBC के लिए 40,562 रिक्तियां बैकलॉग में थीं। 1 अप्रैल 2012 से 31 दिसंबर 2016 की अवधि के दौरान इनमें से 63,876 रिक्तियों को भरा गया था। जितेंद्र सिंह ने बताया कि 1 जनवरी 2017 तक बची हुईं 28,713 बैकलॉग रिक्तियां नहीं भरी जा सकी थीं। इनमें SC की 8,223, ST की 6,955 और ओबीसी की 13,535 बैकलॉग रिक्तियां हैं। ये 10 मंत्रालय और विभाग हैं- डाक, रक्षा उत्पादन, वित्तीय सेवाएं, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, राजस्व, रेलवे, हाउजिंग ऐंड अर्बन अफेयर्स, मानव संसाधन और गृह मंत्रालय।

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राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि इन 10 में 5 मंत्रालयों और विभागों ने आगे बताया कि 21,499 बैकलॉग रिक्तियों में से 12,334 को 31 दिसंबर 2017 तक भरा जा चुका था। 1 जनवरी 2018 तक बैकलॉग रिक्तियों में से 9,165 नहीं भरी जा सकी थीं।

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