नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने मई के लिए अपनी मासिक औषधि सूचना रिपोर्ट में विभिन्न कंपनियों की 46 दवाओं के नमूनों को ‘‘मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं’’ (एनएसक्यू) पाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इसके अलावा, राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 113 दवाओं के नमूने को ‘एनएसक्यू’ के तौर पर पहचाना है।
नियमित नियामक निगरानी गतिविधि के तहत, एनएसक्यू और नकली दवाओं की सूची हर महीने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) पोर्टल पर दिखाई जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, ‘‘मई 2026 के लिए केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला ने 46 दवाओं के नमूनों को मानक गुणवत्ता का नहीं पाया है और राज्य औषध परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 113 दवाओं के नमूने को एनएसक्यू के तौर पर पहचाना है।’’
किसी दवा के नमूने को एनएसक्यू तब माना जाता है, जब वह तय गुणवत्ता के मानकों में से किसी एक या अधिक (मानकों) में विफल हो जाता है। सरकारी प्रयोग में जांचे गए बैच की दवाओं में ही यह कमी पाई गई है; इससे बाजार में मौजूद दूसरी दवाओं को लेकर कोई चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।
इसके अलावा, मई 2026 में असम से दवा का एक नमूना नकली पाया गया। इसे अनधिकृत निर्माताओं ने किसी दूसरी कंपनी के ब्राण्ड नाम का इस्तेमाल करके बनाया था। इस मामले की जांच चल रही है और कानून एवं नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
एनएसक्यू और नकली दवाओं की पहचान करने की यह कार्रवाई राज्य नियामकों के साथ मिलकर नियमित रूप से की जाती है, ताकि ऐसी दवाओं की पहचान करके उन्हें बाज़ार से हटाया जा सके।
भाषा सुरेश माधव
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