इंफाल, 31 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने मणिपुर में जनगणना की प्रक्रिया सोमवार को टाल दी। यह फैसला नागरिक संगठनों की उस मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया, जिसमें जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को अद्यतन करने की मांग की गई थी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब जनगणना प्रक्रिया के तहत राज्य में एक सितंबर से मकानों की सूची बनाने का काम शुरू होना था।
मुख्यमंत्री सचिवालय के एक बयान के मुताबिक, यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नयी दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया जिसमें मणिपुर के मौजूदा हालात की समीक्षा की गई।
बयान में कहा गया कि बैठक में मणिपुर के लोगों की ओर से एनआरसी लागू किए जाने से पहले राज्य में जनगणना की प्रक्रिया स्थगित करने की मांग पर चर्चा की गई।
बयान में कहा गया, ‘‘बैठक में मणिपुर के लोगों की भावनाओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में प्रस्तावित जनगणना प्रक्रिया को टालने पर सहमति बनी।’’
बैठक में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
सिंह ने 14 नागरिक संगठनों (सीएसओ) के नेताओं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने मणिपुर में एनआरसी लागू करने की मांग को लेकर अभियान चलाया था।
भाषा आशीष नरेश
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