भारतीय खेल प्राधिकरण को सीआईसी का निर्देश : श्रेणीवार भर्ती सूची जारी करे

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भारतीय खेल प्राधिकरण को सीआईसी का निर्देश : श्रेणीवार भर्ती सूची जारी करे

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  • Publish Date - August 31, 2026 / 08:15 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 08:15 PM IST

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) को युवा पेशेवरों की भर्ती के सभी चरणों का विवरण सार्वजनिक करने की सलाह दी है, जिसमें श्रेणीवार मेधा सूची और चयनित उम्मीदवारों के अंक शामिल हैं।

यह निर्देश भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी एक सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर अपील का निपटारा करते हुए आया।

सूचना आयुक्त पी. आर. रमेश ने कहा, ‘‘नियुक्ति/भर्ती प्रक्रिया के मामले में पारदर्शिता की आवश्यकता अधिक होती है।’’

सीआईसी ने प्राधिकरण को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती विज्ञापन या नोटिस, अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों के नाम और श्रेणीवार मेधा सूची प्रकाशित करने की सलाह दी।

इस सूची का क्रम अनारक्षित श्रेणी से शुरू होकर आरक्षित श्रेणियों -अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी)- के ‘‘उनके अंकों के साथ’’ होना चाहिए।

आयोग ने कहा कि जानकारी आरटीआई अधिनियम की धारा-चार के तहत दी जानी चाहिए ‘ताकि लोगों को जानकारी पाने के लिए इस अधिनियम का कम से कम इस्तेमाल करना पड़े’।

आरटीआई आवेदक ने पांच नवंबर, 2024 के ‘यंग प्रोफेशनल’ विज्ञापन के लिए मिली कुल अर्जियों की जानकारी मांगी थी।

आवेदक ने साक्षात्कार के लिए बुलाए गए और उसमें शामिल हुए उम्मीदवारों की कुल संख्या, चयन का आधार, एसएआई में पहले काम कर चुके चुने गए उम्मीदवार, कोई प्रतीक्षा सूची और साक्षात्कार में शामिल हुए उम्मीदवारों की रैंक के बारे में भी जानकारी मांगी थी।

अपने जवाब में एसएआई ने बताया कि पोर्टल पर 2,492 अर्जियां रजिस्टर हुई थीं, 1,323 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था और 1,092 उम्मीदवार उसमें शामिल हुए थे।

इसमें कहा गया कि उम्मीदवारों को भर्ती विज्ञापन में निर्दिष्ट पात्रता मानदंडों के आधार पर चयनित किया गया था।

एसएआई ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(जे) के तहत तीसरे पक्ष से संबंधित व्यक्तिगत जानकारी देने से इनकार कर दिया था।

सीआईसी को सीपीआईओ के जवाब और प्रथम अपीलीय प्राधिकरणके आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस कारण नहीं मिला। आयोग ने माना कि सवालों के उचित जवाब दिए गए थे और स्वीकार्य जानकारी प्रदान की गई थी।

भाषा सुरेश माधव

माधव