नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई नेताओं और अधिकारियों के साथ मिलकर सोमवार को आमान परिवर्तन के बाद नेपालगंज रोड-बहराइच रेल खंड का लोकार्पण किया। पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही आई त्रासदी की वजह से सादे समारोह में उद्घाटन किया गया।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी खंड पर बिना किसी सजावट और बिना किसी औपचारिक हरी झंडी दिखाए एक ट्रेन का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री नेपालगंज रोड स्टेशन पर मौजूद थे, जबकि रेल मंत्री रेल भवन से ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।’’
उन्होंने कहा कि आम तौर पर ट्रेन को फूलों से सजाया जाता है और उद्घाटन स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और कई अन्य तरह के जश्न मनाए जाते हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हालांकि इस खंड पर आमान परिवर्तन बिहार और नेपाल के लोगों के लिए बहुत अहम है, लेकिन रेल मंत्रालय ने इसका जश्न न मनाने का फैसला किया है, क्योंकि नेपाल में हाल ही में आई अचानक बाढ़ से भारी तबाही हुई है और कई लोगों की जान गई है।’’
कार्यक्रम की शुरुआत बाढ़ पीड़ितों के लिए दो मिनट का मौन रखकर की गई। रेलमंत्री ने दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत सरकार नेपाल में प्रभावित लोगों को राहत और सहायता पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि जिला, राज्य और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाकों के रेलवे अधिकारी भी मदद और सहयोग दे रहे हैं।
वैष्णव ने कहा, ‘‘रेलवे लगातार उन बचाए गए लोगों की मदद कर रही है जो नेपाल सीमा के पास स्टेशनों पर पहुंच रहे हैं, ताकि वे अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।’’
इस रेलखंड का निर्माण ब्रिटिश काल में मीटर-गेज के तौर पर किया गया था। इसे बड़ी लाइन में तब्दील करने की मांग लंबे समय से हो रही थी, ताकि इसे बड़े रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सके और आस-पास के इलाकों के लोगों की सुविधा के लिए मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जा सकें।
वैष्णव ने कहा कि इस खंड पर चार रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी, जिनसे लाखों लोगों को फायदा होगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस खंड के उद्घाटन से पहले बहराइच तक का विद्युतीकृत बड़ी लाइन थी।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश