तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने केंद्र से संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण से संबंधित प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की शुक्रवार को मांग की और दावा किया कि इसका उद्देश्य देश की एकता और लोकतंत्र को नष्ट करना है।
चेन्निथला ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण संशोधन विधेयक लाने के पीछे ‘कोई ईमानदारी नहीं’ है।
उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, ‘अगर वे (केंद्र) महिला आरक्षण को लेकर वाकई गंभीर हैं, तो उन्हें लोकसभा में सीटों की मौजूदा संख्या के अनुसार इसे लागू करना चाहिए।’
उन्होंने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर इस संशोधन का विरोध कर रहा है क्योंकि इसका उद्देश्य देश की एकता और लोकतंत्र को ‘नष्ट’ करना है।
चेन्निथला ने दावा किया कि ये विधेयक ‘जल्दबाजी’ में लाए गए हैं।
उन्होंने कहा, “इनसे देश को कोई लाभ नहीं होगा। इससे देश में लोकतंत्र कमजोर ही होगा। ये संशोधन चुनावों को ध्यान में रखते हुए लाए गए हैं इसलिए इन विधेयकों को वापस लिया जाना चाहिए।”
संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है। संसद की इस तीन दिवसीय बैठक के दौरान ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण कानून) में संशोधन कर इसे 2029 तक लागू करने का प्रावधान किया जा रहा है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
मसौदा संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने के लिए लोकसभा की सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850तक की जा सकती है।
भाषा तान्या सिम्मी
सिम्मी