जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ ‘दोयम दर्जे के नागरिक’ की तरह व्यवहार कर रही केंद्र सरकार : कांग्रेस

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जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ ‘दोयम दर्जे के नागरिक’ की तरह व्यवहार कर रही केंद्र सरकार : कांग्रेस

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  • Publish Date - April 5, 2026 / 10:26 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 10:26 PM IST

जम्मू, पांच अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर तीखा हमला करते हुए रविवार को आरोप लगाया कि वह केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को राज्य का दर्जा न देकर उनके साथ ‘दोयम दर्जे के नागरिक’ जैसा व्यवहार कर रही है।

जम्मू के बाहरी क्षेत्र मारह विधानसभा क्षेत्र के घोउ मनहासन में पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए कर्रा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले निर्वाचित सरकार के बावजूद केंद्र द्वारा उपराज्यपाल के माध्यम से लिए जा रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कर्रा ने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार यहां के लोगों को राज्य का दर्जा न देकर दोयम दर्जे का नागरिक मान रही है। निर्वाचित सरकार होने के बावजूद प्रमुख निर्णय उपराज्यपाल के जरिए लिए जा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दोहरी नियंत्रण प्रणाली ही मौजूदा अनिश्चितता और जवाबदेही की कमी का मूल कारण है।’’

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जम्मू क्षेत्र में मजबूत जनादेश मिलने के बावजूद राज्य का दर्जा बहाल करने और विकास सुनिश्चित करने में विफल रहने के लिए भाजपा से सवाल करें।

कर्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा के 29 विधायक इस मुद्दे पर चुप हैं और जम्मू-कश्मीर के लिए विशेषकर बाढ़ प्रभावित लोगों और किसानों के लिए पर्याप्त धनराशि हासिल करने में असफल रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘बेरोजगार युवाओं, दैनिक वेतनभोगियों, संविदा और अस्थायी कर्मचारियों को केंद्र से पर्याप्त वित्तीय मदद न मिलने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र और भाजपा युवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।’’

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह (मोदी) बाहरी प्रभाव में काम कर रहे हैं और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों का पालन कर रहे हैं, ऐसा देश की आजादी के बाद पहली बार हो रहा है।

कर्रा ने कहा, ‘‘भारत ने हमेशा महाशक्तियों के दबाव का सामना किया है और पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से स्वतंत्र विदेश नीति अपनाई है। लेकिन पहली बार ऐसा हो रहा है कि अमेरिका हमारे देश के हितों के खिलाफ फैसले थोप रहा है।’’

कर्रा ने इसे देश की संप्रभुता और गरिमा पर “गंभीर हमला” बताते हुए प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया।

उन्होंने हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि यह “किसान विरोधी और जनविरोधी” है तथा इससे देश के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे हैं।

कर्रा ने आरोप लगाया कि अमेरिकी करों का बोझ भारतीयों को उठाना पड़ रहा है, जिससे एलपीजी, पेट्रोल और डीजल सहित कई वस्तुएं महंगी हो गई हैं।

भाषा रवि कांत प्रशांत

प्रशांत