बेंगलुरु, दो जून (भाषा) कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने बेंगलुरु की चरमराती बुनियादी सुविधाओं को लेकर नामित मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर मंगलवार को जोरदार हमला बोला और उनके ‘ब्रांड बेंगलुरु’ के बड़े सपने पर सवाल उठाए।
अशोक ने कहा कि शहर के प्रति इस ‘‘आपराधिक लापरवाही’’ के लिए पूरी तरह शिवकुमार जिम्मेदार हैं, जो सिद्धरमैया सरकार में बेंगलुरु विकास के प्रभारी मंत्री थे।
भाजपा नेता ने ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) के ‘‘एक किलोमीटर’’ अभियान पर भी निशाना साधा और इसे “संवेदनहीन तथा मजाक” करार दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान चलाने के बजाय पहले शहर के जर्जर और बदहाल बुनियादी ढांचे को दुरुस्त किया जाना चाहिए।
जीबीए ने नागरिकों से एक किलोमीटर पैदल चलने की अपील की थी, लेकिन जब लोगों ने चलने लायक फुटपाथ की मांग उठाई तो प्राधिकरण ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटा ली।
अशोक ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘‘देखो हमारी आईटी राजधानी का क्या हाल हो गया है। एक हफ्ते की बारिश में बेंगलुरु की सड़कें जानलेवा हो गई हैं। हालत यह है कि लोगों के लिए यह समझना मुश्किल हो गया है कि सड़क कहां खत्म होती है और खुले तथा उफनते नाले कहां से शुरू होते हैं।’’
उन्होंने कहा, “चिकपेट, के.आर. मार्केट और मामुलपेट से लेकर होरामावु, आउटर रिंग रोड और लावेल रोड तक, पूरा शहर मानो खतरनाक बाधाओं से भरे रास्ते में तब्दील हो गया है। एक ओर ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) दिखावटी कवायदों और मौसमी नौटंकी में व्यस्त है, आम आदमी गंदे नाले के पानी से भरे गड्ढों से जान जोखिम में डालकर गुजर रहा है।”
अशोक ने कहा कि इस ‘‘आपराधिक लापरवाही’’ के लिए सीधे तौर पर नामित मुख्यमंत्री शिवकुमार जिम्मेदार हैं। जिस शहर की रक्षा उन्हें करनी थी, उसे उन्होंने सत्ता की कुर्सी पाने की जोड़तोड़ में पूरी तरह भुला दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए पूछा, ‘‘क्या यही है आपका ‘ब्रांड बेंगलुरु’ का बड़ा सपना, शिवकुमार जी? एक ऐसा शहर जहां कारोबार ठप हो, ट्रांसपोर्टर व्यावसायिक इलाकों में घुसने से मना कर दें और दोपहिया सवार रोज अपनी जान दांव पर लगाकर निकलें?’’
अशोक ने कहा कि टूटी सड़कें ठीक करने के बजाय शिवकुमार का प्रशासन ‘‘एक किलोमीटर’’ जैसे हास्यास्पद सोशल मीडिया अभियान से नागरिकों का मजाक उड़ा रहा है।
भाषा खारी रंजन
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