विजय के तिरुचिरापल्ली दौरे में किसानों के मुद्दों को नजरअंदाज किया गया: पीएमके नेता अंबुमणि

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विजय के तिरुचिरापल्ली दौरे में किसानों के मुद्दों को नजरअंदाज किया गया: पीएमके नेता अंबुमणि

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 11:58 AM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 11:58 AM IST

चेन्नई, दो जून (भाषा) पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) नेता अंबुमणि रामदास ने मंगलवार को इस बात पर निराशा व्यक्त की कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. वी. विजय जोसेफ अपनी त्रिची यात्रा के दौरान किसानों की समस्याओं को संबोधित करने के लिए कोई भी घोषणा करने में विफल रहे, जो सिंचाई और कृषि पर अत्यधिक निर्भर हैं।

यह आलोचना विजय के तिरुचिरापल्ली दौरे के बाद आई है जहां उन्होंने एक जून को सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) द्वारा मतदाताओं को धन्यवाद देने के लिए आयोजित एक जनसभा में भाग लिया था।

पीएमके नेता ने कहा, ‘‘खासकर तमिलनाडु के लोगों, विशेष रूप से किसानों की अपेक्षाओं को देखते हुए यह निराशाजनक है कि विजय ने रैली में कोई घोषणा नहीं की। मुख्यमंत्री के रूप में यह उनकी पहली राजनीतिक सभा थी लेकिन यह आयोजन चुनाव प्रचार रैली जैसा ही लग रहा था।’’

अंबुमणि ने 2026 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि विजय के पदभार संभालने के बाद से कई दिन बीत चुके हैं लेकिन शासन संबंधी पहलों के बारे में कोई बड़ी नीतिगत घोषणा नहीं की गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि यह (त्रिची जनसभा) सरकारी कार्यक्रम नहीं था, फिर भी लोगों को उनसे राज्य के लिए ठोस योजनाओं की घोषणा की उम्मीद थी, खासकर उन किसानों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए जिन्होंने उनका समर्थन किया था।’’

अंबुमणि ने बताया कि विजय ने अपने संबोधन में त्रिची को ‘‘तमिलनाडु का दिल’’ और कावेरी सिंचित क्षेत्रों का केंद्र बताया। उन्होंने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण घोषणाएं करने के लिए एक आदर्श मंच था। हालांकि, मुख्यमंत्री मेट्टूर बांध के खुलने और कुरिवाई में खेती जैसे मुद्दों पर चुप रहे।’’

डेल्टा जिलों की चिंताओं को उजागर करते हुए अंबुमणि ने कहा कि मेकेदातु बांध परियोजना अब भी चिंता का एक प्रमुख कारण बनी हुई है।

उन्होंने चेतावनी दी कि कर्नाटक द्वारा परियोजना को आगे बढ़ाने के कारण तमिलनाडु के किसान बेहद चिंतित हैं और राज्य सरकार से कड़े हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसान उर्वरक की बढ़ती कीमतों, खरीद केंद्रों में अनियमितताओं, रेत चोरी रोकने के उपायों और नदियों पर चेक डैम के निर्माण पर स्पष्ट निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय, उनका त्रिची संबोधन विपक्ष की आलोचना पर केंद्रित हो गया।’’

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा