केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों ने देश को कमजोर किया: जूली

केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों ने देश को कमजोर किया: जूली

केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों ने देश को कमजोर किया: जूली
Modified Date: June 3, 2026 / 10:27 pm IST
Published Date: June 3, 2026 10:27 pm IST

कोटा, तीन जून (भाषा) राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बुधवार को केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नीतियों ने देश को कमजोर किया है और जनता को महंगाई के बोझ तले दबा दिया है।

कांग्रेस द्वारा आयोजित ओबीसी सम्मेलन और पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जूली ने कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी ने ही सबसे पहले ‘‘जितनी हिस्सेदारी, उतनी भागीदारी’’ के नारे के साथ जातिगत गणना की मांग को मजबूती से उठाया।

जूली ने कहा कि जातिगत गणना से पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों(एसी), अनुसूचित जनजातियों(एसटी), अल्पसंख्यकों और अन्य वंचित वर्गों की वास्तविक प्रतिनिधित्व स्थिति सामने आएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश के बजट निर्माण में एससी, एसटी और ओबीसी की भागीदारी सीमित है और निर्णय लेने वाले पदों पर समाज का एक छोटा वर्ग हावी है।

कांग्रेस नेता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)की सरकारों को महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़े हैं, जबकि मजदूरों, कर्मचारियों और किसानों की आय में अनुपातिक वृद्धि नहीं हुई है।

जूली ने कहा, ‘‘राज्य में भाजपा सरकार के केवल दो साल बचे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मजबूत रणनीति के साथ तैयारी करनी चाहिए क्योंकि अब लड़ाई देश को भाजपा की नीतियों से बचाने की है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व जनता के मुद्दों पर संज्ञान लेने के बजाय प्रचार और सोशल मीडिया पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

जूली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग पीने के पानी और बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं, जबकि राजनीतिक नेता प्रचार-प्रधान गतिविधियों में व्यस्त हैं।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और जनता तक उसका संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।

भाषा बाकोलिया धीरज

धीरज


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