कोलकाता, सात मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गयी, जो वायु सेना में सेवा देने के बाद भाजपा नेता के सहयोगी बने।
भारतीय वायु सेना में सेवा देने से लेकर बंगाल में निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगियों में से एक बनने वाले चंद्रनाथ का भाजपा नेता से दो दशक से अधिक पुराना नाता रहा।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 41 वर्षीय चंद्रनाथ मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर के रहने वाले थे। पूर्वी मेदिनीपुर, बंगाल की राजनीति में शुभेंदु के उदय का मुख्य केंद्र रहा है।
शांत स्वभाव और जमीनी स्तर से जुड़े चंद्रनाथ वर्षों तक अधिकारी के करीबी लोगों में शामिल होने के बावजूद लोगों की नजरों से काफी हद तक दूर रहे।
चंद्रनाथ ने सक्रिय राजनीतिक में प्रवेश से पहले राहारा रामकृष्ण मिशन से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद भारतीय वायु सेना में लगभग दो दशक सेवा की।
परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि उन्होंने (चंद्रनाथ ने) एक बार आध्यात्मिक जीवन अपनाने पर विचार किया था और छात्र जीवन के दौरान रामकृष्ण मिशन के आदर्शों से गहरे प्रभावित हुए थे।
चंद्रनाथ ने वायु सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद कुछ समय के लिए कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम किया और फिर धीरे-धीरे राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की ओर अग्रसर हुए।
शुभेंदु अधिकारी के परिवार की तरह चंद्रनाथ का परिवार भी पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था।
चंद्रनाथ की मां हासी रथ तृणमूल के शासनकाल के दौरान पूर्वी मेदिनीपुर की एक स्थानीय पंचायत में पद पर थीं और 2020 में उन्होंने शुभेंदु के साथ भाजपा में शामिल होने का फैसला किया।
परिवार के जानकारों का कहना है कि रथ परिवार और शुभेंदु का रिश्ता दो दशक से भी अधिक पुराना है।
चंद्रनाथ औपचारिक रूप से 2019 के आसपास शुभेंदु की आधिकारिक टीम का हिस्सा बने जब वह (शुभेंदु) ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे।
चंद्रनाथ ने शुरुआत में शुभेंदु के मंत्री पद से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में उनके भाजपा में शामिल होने के बाद भी इसी तरह की भूमिका निभाते रहे।
पिछले कुछ वर्षों में चंद्रनाथ, शुभेंदु के राजनीतिक अभियानों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्ति के रूप में उभरे।
उन्होंने संगठनात्मक कार्यों का समन्वय, प्रबंधन और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संचार बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वह भाजपा के भवानीपुर चुनाव अभियान सहित कई चर्चित विधानसभा सीटों पर प्रचार के दौरान पार्टी की मुख्य टीम का हिस्सा भी थे।
बुधवार रात को मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने मध्यग्राम के दोहरिया इलाके के पास चंद्रनाथ की गाड़ी को कथित तौर पर रोका और उन पर करीब से गोलियां चलाईं।
चंद्रनाथ की हत्या ने बंगाल में राजनीतिक हलचल उत्पन्न कर दी है और विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पहले से ही अस्थिर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है।
भाषा जितेंद्र वैभव
वैभव