Parliament Winter Session
नई दिल्ली: Parliament Winter Session संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-जी राम जी) बिल, 2025 पेश किया। जिसके बाद सदन में हंगामा देखने को मिला है। मनरेगा की जगह आ रहे ‘जी राम जी’ बिल पर विपक्षी पार्टियां हमलावर हैं। इस बिल को लेकर विपक्षी सांसदों जमकर नारेबाजी की।
इसके बाद नए ग्रामीण रोजगार बिल पर जमकर हंगामा भी देखने को मिला। बिल को लेकर प्रियंका गांधी ने जमकर विरोध किया और कहा कि मुझे नाम बदलने की यह सनक समझ नहीं आती। इसमें खर्चा बहुत होता है इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि वे बेवजह ऐसा क्यों कर रहे हैं। MGNREGA ने गरीब लोगों को 100 दिन के रोज़गार का अधिकार दिया था। यह बिल उस अधिकार को कमज़ोर करेगा। उन्होंने दिनों की संख्या तो बढ़ा दी है लेकिन मज़दूरी नहीं बढ़ाई है। पहले ग्राम पंचायत तय करती थी कि MGNREGA का काम कहां और किस तरह का होगा, लेकिन यह बिल कहता है कि केंद्र सरकार तय करेगी कि फंड कहां और कब देना है, इसलिए ग्राम पंचायत का अधिकार छीना जा रहा है। हमें यह बिल हर तरह से गलत लगता है।
कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और शशि थरूर, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले और कई अन्य सदस्यों ने भी विधेयक पेश किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इसे संसदीय समिति के पास भेजा जाए। इस दौरान थरूर ने तंज कसते हुए कहा कि ओ दीवानो राम का नाम बदनाम ना करो।