झारखंड में कोविड-19 के चलते नदियों और तालाबों के किनारे छठ पूजा पर रोक

झारखंड में कोविड-19 के चलते नदियों और तालाबों के किनारे छठ पूजा पर रोक

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  • Publish Date - November 15, 2020 / 07:45 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:27 PM IST

रांची, 15 नवंबर (भाषा) झारखंड सरकार ने रविवार देर रात दिशानिर्देश जारी कर कोविड-19 महमारी के चलते पूरे राज्य में नदियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों के तट पर आयोजित होने वाली पवित्र छठ पूजा और पूजा के अवसर पर संगीत कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगा दी है।

मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की अध्यक्षता वाली राज्य आपदा प्रबंधन समिति ने आज देर रात्रि जारी नये दिशा निर्देशों में इस आशय की जानकारी दी।

देर रात्रि जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सावधानी बरती जा रही है और छठ पर्व में चूंकि सभी लोग बड़ी संख्या में आसपास की नदी, तालाब एवं अन्य जल स्रोतों पर एकत्रित होते हैं और जल में सूर्योदय तथा सूर्यास्त पर स्नान करते हैं लिहाजा इससे लोगों में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने की आशंका रहेगी।

अधिसूचना में कहा गया है कि पानी के माध्यम से संक्रमण फैलने की आशंका के चलते ही राज्य में अब तक स्वीमिंग पूल नहीं खोले गये हैं।

इसमें कहा गया है कि चूकिं छठ में लोगों को निश्चित समय पर ही जल स्रोतों में स्नान करना होता है अतः भीड़ को क्रमशः स्नान करने के लिए नियंत्रित भी नहीं किया जा सकता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष सार्वजनिक तौर पर छठ पूजा करने और इसके आयोजना, सजावट आदि पर रोक लगाने का फैसला किया है।

मुख्य सचिव के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि नदियों अथवा जल स्रोतों के आसपास दूकान, स्टाल लगाने, बिजली के बल्बों से सजावट करने और सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे जलाने पर पूरी तरह से रोक होगी। इतना ही नहीं छठ के अवसर पर संगीत एवं मनोरंजन के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी पूर्ण रोक होगी।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 17 नवंबर से 21 नवंबर तक छठ पूजा निश्चित है।

भाषा, इन्दु,

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