तिरुवनंतपुरम, एक जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन और उनके एक सहयोगी मंत्री को श्री नारायण धर्म परिपालन(एसएनडीपी) योगम के नेताओं तुषार वेल्लापल्ली और वेल्लापल्ली नटेसन के साथ अलग-अलग मुलाकातों के कारण कांग्रेस नेताओं और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के कार्यकर्ताओं के एक वर्ग की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
केरल के संख्यात्मक रूप से मजबूत हिंदू एझवा समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन एसएनडीपी योगम के महासचिव नटेसन की विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाने वाले विवादास्पद बयानों के लिए सतीशन सहित कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी।
नटेसन ने जहां विधानसभा चुनावों के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दिग्गज नेता पिनराई विजयन का खुले तौर पर समर्थन किया, वहीं उनके बेटे तुषार ने केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी भारत धर्म जन सेना (बीडीजेएस) के नेता के रूप में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( राजग) के लिए प्रचार किया।
तुषार ने रविवार को अलुवा स्थित सतीशन के आवास पर उनसे मुलाकात की।
सतीशन से मुलाकात के बाद एसएनडीपी योगम के उपाध्यक्ष तुषार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ‘सभी से मिलने की इच्छा जताई है’।
उन्होंने यह भी कहा कि सतीशन और नटेसन की भी मुलाकात हो सकती है।
कांग्रेस के कुछ मध्यस्तरीय नेताओं ने इस बात को लेकर सतीशन पर निशाना साधा।
कांग्रेस प्रवक्ता अनूप वीआर ने तुषार से मुलाकात करने के लिए सतीशन की परोक्ष आलोचना करते हुए ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा कि चाहे वरिष्ठ वेल्लापल्ली हों या कनिष्ठ वेल्लापल्ली, औपचारिक चर्चाओं के माध्यम से उन्हें वैधता प्रदान करना अस्वीकार्य है, चाहे सत्ता में कोई भी हो।
उन्होंने लिखा, “मैं संबंधित पक्षों को एक बार फिर याद दिलाना चाहता हूं कि आज जो सत्ता उनके हाथ में है, वह काफी हद तक वेल्लापल्ली परिवार की नफरत भरी बयानबाजी के खिलाफ हम जैसे लोगों द्वारा किए गए संघर्षों का परिणाम है।”
भाषा जितेंद्र वैभव
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