कोलकाता, 22 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य में समुद्र तट के पास हाल ही में हुई नौका दुर्घटना और पड़ोसी राज्य सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग हादसे में जान गंवाने वाले राज्य के हर व्यक्ति के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि और परिवार के एक सदस्य को ‘नागरिक स्वयंसेवक’ की नौकरी दी जाएगी।
शुभेंदु ने विधानसभा में यह घोषणा करते हुए दोनों हादसों पर दुख जताया और कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी।
यह घोषणा उस वक्त की गई जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक चंद्रशेखर मंडल ने दो जुलाई को बंगाल की खाड़ी में कई मछुआरों के साथ मछली पकड़ने वाली नौका के लापता होने का मुद्दा उठाया।
पूर्वी मेदिनीपुर जिले के शंकरपुर की यह नौका पांच दिन बाद काकद्वीप के पास बाघेर चार के नजदीक पलटी पाई गई।
मुख्यमंत्री ने इस घटना को एक बड़ी त्रासदी बताते हुए कहा, ‘‘अब तक नौका पर सवार 11 मछुआरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार अब भी लापता हैं।’’
उन्होंने कहा कि जान गंवाने वाले अधिकतर मछुआरे पूर्वी मेदिनीपुर, हावड़ा और नदिया जिलों के तटीय इलाकों के निवासी थे।
मुख्यमंत्री ने सिक्किम में सुरंग हादसे में जान गंवाने वाले पश्चिम बंगाल के निवासियों के परिवारों के लिए भी समान मुआवजा राशि का ऐलान किया।
सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग में संदिग्ध मीथेन गैस के कारण हुए धमाके के बाद सुरंग ढह गई, जिसमें कम से कम 20 मजदूरों की मौत हो गई और पांच मजदूर 24 घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे। फंसे हुए लोगों में पश्चिम बंगाल के कई मजदूर भी शामिल थे।
मुश्किल हालात में भी सुरंग के अंदर बचाव अभियान जारी है। सुरंग में पानी और कीचड़ होने के साथ मीथेन गैस की मौजूदगी की वजह से शवों को निकालने और अंदर फंसे लोगों की तलाश करने के काम में रुकावट आ रही है।
भाषा संतोष सुरेश
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