चिनार पुस्तक महोत्सव : राकेश बेदी ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया

चिनार पुस्तक महोत्सव : राकेश बेदी ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया

चिनार पुस्तक महोत्सव : राकेश बेदी ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया
Modified Date: July 22, 2026 / 08:44 pm IST
Published Date: July 22, 2026 8:44 pm IST

श्रीनगर, 22 जुलाई(भाषा) वरिष्ठ फिल्म अभिनेता राकेश बेदी ने यहां बुधवार को चिनार पुस्तक महोत्सव के दौरान युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया और साथ ही घाटी में दोबारा आकर स्थानीय कलाकारों के साथ रंगमंच कार्यशालाएं आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।

बेदी ने विशेष सत्र ‘ड्रामा, धमाल एंड डायलॉग’ में अपने बचपन की एक स्मृति साझा करते हुए उसे रंगमंच की ओर आकर्षित होने का कारण बताया। बेदी ने बताया कि सात-आठ वर्ष की आयु में रामलीला देखते समय उन्होंने साधारण लोगों को मंच पर पूजनीय पात्रों का रूप धारण करते देखा।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह मुझे एकदम जादुई लगा। और इस जादू ने ही अभिनय की दुनिया में आने के लिए प्रेरित किया।’’

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को शुरुआत में ही अपनी रुचियों की पहचान करनी चाहिए और केवल पारंपरिक करियर विकल्पों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले आज कई नए क्षेत्र युवाओं के लिए असीम संभावनाएं उपलब्ध करवा रहे हैं।

उन्होंने अपनी हालिया फिल्म ‘धुरंधर’ के पात्र जमील जमाली को भी याद किया और फिल्म का लोकप्रिय संवाद, ‘फिक्र मत कर यार, बच्चा है तू मेरा, मैं हूं ना’, सुनाकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

कश्मीर के एक रंगकर्मी के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने घाटी में दोबारा आकर स्थानीय कलाकारों के साथ रंगमंच कार्यशालाएं आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकें करियर बनाती हैं, जबकि साहित्य व्यक्तित्व का निर्माण करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए चिनार पुस्तक महोत्सव के अभियान ‘नो टू ड्रग्स, यस टू बुक्स’ को सामूहिक रूप से दोहराने का आग्रह किया।

मेले का उद्घाटन शनिवार को जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया था। 18 से 26 जुलाई तक चलने वाले इस मेले में 200 से अधिक प्रकाशक और दुकानें अंग्रेजी, उर्दू, कश्मीरी, हिंदी और कई दूसरी भारतीय भाषाओं की किताबें पाठकों को उपलब्ध करा रहे हैं।

भाषा नरेश नरेश पवनेश

पवनेश


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