नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रणाली में मंगलवार को बड़े बदलावों की घोषणा की, जिनमें प्रश्नपत्र की चार-स्तरीय जांच व्यवस्था, 600 विशेषज्ञों को हटाकर उनकी जगह नये विशेषज्ञों की नियुक्ति और कार्यालयों की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपा जाना शामिल है।
यूजीसी-नेट प्रश्नपत्र में गड़बड़ियों और नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे शिक्षा मंत्रालय ने व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक के बाद मंत्रालय ने मंगलवार शाम घोषणा की कि जोशी ने परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा और संबंधित बुनियादी ढांचा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जोशी ने पिछले महीने शिक्षा मंत्री का कार्यभार उस वक्त संभाला था, जब नीट-यूजी प्रश्नपत्र विवाद को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद उनके पूर्ववर्ती धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
मंत्री के निर्देशों के बाद एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को एजेंसी की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। एनटीए देश में कई परीक्षाओं के आयोजन का जिम्मा संभालती है।
मंत्रालय ने अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया, “परीक्षा टीम में बदलाव किया गया है, जिसके तहत 600 विशेषज्ञों को हटाते हुए उनकी जगह नये विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।”
उसने बताया कि प्रश्नपत्रों की जांच प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए चार-स्तरीय जांच व्यवस्था लागू की जाएगी।
मंत्रालय के मुताबिक, अगले दो-तीन हफ्ते में 20-25 अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, जबकि आगे और नियुक्तियों की भी समीक्षा की गई है।
उसने बताया कि एनटीए के कार्यालयों को युद्धस्तर पर नये परिसरों में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की टीमों के जरिये मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
भाषा पारुल सुरेश
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