भुवनेश्वर, पांच मार्च (भाषा) केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और साइबर हमलों के संभावित खतरों से निपटने की अपनी क्षमता को विकासित करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यहां यह जानकारी दी।
सीआईएसएफ के महानिदेशक (डीजी) प्रवीर रंजन ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हुए ड्रोन हमलों और ईरान में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘अगली आधुनिकीकरण योजना में हम बड़े पैमाने पर ड्रोन और ड्रोन-रोधी प्रशिक्षण शुरू करेंगे।’’
सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए रंजन ने कहा कि उन्होंने राजस्थान के बहरोर स्थित अपनी इकाई में एक ड्रोन प्रशिक्षण और ड्रोन-रोधी क्षमता प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है।
रंजन ने कहा कि गृह मंत्रालय ने ड्रोन संचालन और ड्रोन-रोधी प्रणालियों के प्रशिक्षण के लिए ‘रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन’ (आरपीटीओ) की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने आगे कहा कि महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हवाई खतरे के लिए सीआईएसएफ को नोडल एजेंसी नामित किया गया है।
उन्होंने कहा कि आजकल हर क्षेत्र साइबर खतरों का सामना कर रहा है, इसलिए, सिस्टम (सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन) की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि सब कुछ सिस्टम द्वारा ही किया जाता है।
महानिदेशक ने कहा, ‘‘सीआईएसएफ साइबर सुरक्षा में अपनी क्षमता विकसित करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है। हमने पहले ही कुछ साइबर कमांडो प्रशिक्षित कर लिए हैं।’’
अधिकारियों ने बताया कि सीआईएसएफ ने 2026-30 के आधुनिकीकरण योजना के तहत 819 करोड़ रुपये की लागत से 76 मदों की पहचान की है, जिनमें ड्रोन समाधानों पर प्रशिक्षण, एक एकीकृत साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला की स्थापना, एक समर्पित डेटा केंद्र और अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए एक जीरो-ट्रस्ट नेटवर्क शामिल हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीआईएसएफ की मुंडाली इकाई के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे और बल की दो आवासीय परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
शाह कोलकाता के राजारहाट में एक आधुनिक आवासीय परिसर (72.46 करोड़ रुपये) और दिल्ली के मैदान गढ़ी में एक अन्य आवास परियोजना (253.10 करोड़ रुपये) का उद्घाटन करेंगे।
वे असम के नागरबेरा में 9वीं रिजर्व बटालियन (124.73 करोड़ रुपये), महाराष्ट्र के नासिक में 11वीं रिजर्व बटालियन (195.29 करोड़ रुपये) और मध्य प्रदेश के सीहोर में 12वीं रिजर्व बटालियन (243.73 करोड़ रुपये) की आधारशिला भी रखेंगे।
आज दो लाख कर्मियों की संख्या के साथ केंद्रीय बल 25 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 361 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करता है।
बल को सुदृढ़ करने के लिए, गृह मंत्रालय ने पिछले वर्ष सीआईएसएफ कर्मियों की संख्या दो लाख से बढ़ाकर 2.2 लाख कर दी। अगस्त 2025 में स्वीकृत इस 10 प्रतिशत की वृद्धि का उद्देश्य हवाई अड्डों, बंदरगाहों और औद्योगिक केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों तक प्रतिवर्ष लगभग 14,000 कर्मियों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि 2025 में बल में 32,733 कर्मियों की भर्ती की गई थी, जबकि इस वर्ष 21,790 कर्मियों की भर्ती की जाएगी।
भाषा संतोष रंजन
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