बेंगलुरु, पांच जुलाई (भाषा) बारिश की कमी एवं घटते भूजल स्तर का हवाला देते हुए बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) ने शहर के कुछ हिस्सों में पानी की कमी की आशंका के बीच पेयजल की बर्बादी को रोकने के लिए निषेधाज्ञा जारी की है तथा जल संरक्षण के कुछ कदम उठाए हैं।
बोर्ड ने कहा कि कम बारिश की वजह से कई इलाकों में भूजल का स्तर गिर गया है, इसलिए बेंगलुरु के 1.4 करोड़ लोगों (जिनमें स्थायी निवासी और आने-जाने वाले लोग भी शामिल हैं) को समान रूप से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है।
इसने बीडब्ल्यूएसएसबी अधिनियम 1964 की धाराओं 33 और 34 के तहत गाड़ियां धोने, बागवानी, निर्माण कार्य, सजावटी फव्वारे और मनोरंजन वाली ऐसी ही चीजों, सिनेमा और मॉल में गैर-जरूरी काम तथा सड़क निर्माण एवं सफाई कार्य जैसे कामों के लिए पेयजल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
बोर्ड ने कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर अधिनियम की धारा 109 के तहत 5000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
इसने कहा कि बार-बार नियम तोड़ने पर शुरुआती जुर्माने के अलावा हर दिन 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा।
लोगों से अपील की गई है कि वे नियमों का उल्लंघन नजर आने पर बीडब्ल्यूएसएसबी को 1916 नंबर डायल करके उसकी जानकारी दें।
बोर्ड ने एक अलग सार्वजनिक अधिसूचना में मॉल, वाणिज्यिक परिसरों, अपार्टमेंट भवनों, सरकारी दफ्तरों, लग्ज़री होटलों, रेस्तरां और धार्मिक स्थलों समेत सार्वजनिक जगहों के लिए 31 जुलाई, 2026 तक पानी की खपत कम करने के मकसद से नलों पर ‘फ्लो रेस्ट्रिक्टर’ या ‘एरेटर’ लगाना अनिवार्य कर दिया है।
बीडब्ल्यूएसएसबी ने चेतावनी दी है कि तय समयसीमा के भीतर ये उपकरण न लगाने पर अधिनियम की धारा 53 के तहत जलापूर्ति में 50 प्रतिशत तक की कटौती की जा सकती है और 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
इसने कहा कि बार-बार नियम तोड़ने पर हर दिन 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगेगा।
बोर्ड ने कहा कि जहां संबंधित उपभोक्ता नियमों का पालन नहीं करेगा, वहां वह अधिनियम के नियमों के तहत खुद यह उपकरण लगाएगा और उस उपभोक्ता से इसका खर्च वसूलेगा।
इसने स्विमिंग पूल भरने और उनके रखरखाव के लिए पेयजल के इस्तेमाल पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है।
बोर्ड ने कहा कि नियमों का पालन न करने पर स्विमिंग पूल मालिकों के खिलाफ संबंधित थाने में शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी।
हालांकि, यह रोक उन स्विमिंग पूल पर लागू नहीं होगी जिनका इस्तेमाल राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे एथलीटों के प्रशिक्षण के लिए किया जाता है।
भाषा राजकुमार नेत्रपाल
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