तिरुवन्नामलाई (तमिलनाडु), चार अप्रैल (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) प्रमुख ई.के. पलानीस्वामी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से शनिवार को कहा कि वह अपना गुस्सा उनके बजाय अपनी पार्टी के नेता ए. राजा पर निकालें जिन्होंने उनके पिता एम. करुणानिधि को उनके जीवन के अंतिम दिनों में ‘‘घर में नजरबंद’’ रखे जाने संबंधी कथित टिप्पणी की है।
पलानीस्वामी ने कहा कि 23 अप्रैल के चुनाव के बाद अन्नाद्रमुक की सरकार बनने पर वह इस बयान संबंधी वायरल ऑडियो की राज्य स्तर पर जांच कराए जाने का आदेश देंगे।
इस मुद्दे पर अपनी पहले की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि उन्होंने केवल उस वायरल ऑडियो का हवाला दिया था, जिसमें द्रमुक (द्रविड़ मुनेत्र कषगम) के उप महासचिव ए. राजा ने कथित तौर पर दावा किया था कि स्टालिन ने अपने पिता को अंतिम दिनों में “घर में नजरबंद” रखा था।
पलानीस्वामी ने जिले में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि स्टालिन के बड़े भाई और पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.के. अलागिरि भी यह कह चुके हैं कि ‘‘मेरे पिता को कैदी की तरह रखा गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘स्टालिन, अपना गुस्सा मुझ पर मत उतारिए, इसे अपने उप महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए. राजा पर निकालिए जिन्होंने वह ऑडियो जारी किया जो वायरल हो गया। मैंने सिर्फ उसी बात का जिक्र किया जो राजा ने अपने ऑडियो संदेश में कही थी। इसमें नाराज होने की क्या बात है? अपना गुस्सा राजा पर दिखाइए, वह सच बता देंगे। मुझ पर नाराजगी दिखाने से कोई फायदा नहीं है।’’
पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की 2016 में हुई मौत और 75 दिन तक उनके अस्पताल में भर्ती रहने की जांच कराने को लेकर 2021 विधानसभा चुनाव से पहले किए स्टालिन के वादे का जिक्र करते हुए पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘आपने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मौत की जांच कराएंगे। करुणानिधि भी पूर्व मुख्यमंत्री थे। अन्नाद्रमुक, राजा के ऑडियो की राज्य स्तर पर जांच कराएगी और उचित कानूनी कार्रवाई करेगी।’’
हालांकि, मुख्यमंत्री ने इस आरोप को निराधार और आपत्तिजनक करार देते हुए पलानीस्वामी को आगाह किया कि वह अपनी आलोचना को मुख्यमंत्री के रूप में उनके कामकाज तक सीमित रखें।
स्टालिन ने कहा कि उनके पिता उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण आराम कर रहे थे और पलानीस्वामी ने ‘‘सारी सीमाएं पार कर दी हैं।’’
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