CM Bhgwant Mann Viral Video: सीएम भगवंत मान की सफाई, कहा, ‘वीडियो में मैं नहीं.. अकाल तख्त साहिब के ‘जत्थेदार’ राजनीतिक आकाओं के कहने पर कर रहे मेरे खिलाफ झूठा प्रचार’..

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CM Bhgwant Mann Viral Video: भगवंत मान ने वायरल वीडियो को फर्जी बताया, अकाल तख्त के फैसले पर सवाल उठाए, राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया।

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  • Publish Date - June 16, 2026 / 03:56 PM IST,
    Updated On - June 16, 2026 / 03:56 PM IST

CM Bhgwant Mann Viral Video || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • अकाल तख्त ने भगवंत मान को ‘गुरु दोखी’ घोषित किया।
  • मान बोले- वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मैं नहीं।
  • सीएम ने जत्थेदारों पर राजनीतिक दबाव में फैसले का आरोप लगाया।

अमृतसर: सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को अकाल तख्त की ओर से उन्हें ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया गया। (CM Bhgwant Mann Viral Video) यह फैसला एक विवादित वीडियो को लेकर लिया गया है, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।

वही अब इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने दावा किया है कि, वीडियो में दिखाई पड़ रहा व्यक्ति वह नहीं है। इतना ही नहीं बल्कि अकाल तख़्त के जत्थेदारों पर भी राजनितिक प्रभाव में आकर झूठा प्रचार करने का आरोप पंजाब के मुख्यमंत्री ने लगाया है।

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क्या कहा भगवंत मान ने?

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा हैं कि, “हाल ही में, श्री अकाल तख्त साहिब के ‘जत्थेदार’ ने मेरे बारे में एक खास वीडियो के आधार पर कुछ बयान दिए। उन्होंने कहा कि वह वीडियो AI से बना हुआ या उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। जब मुझे अकाल तख्त साहिब बुलाया गया, तो मैंने साफ़ किया कि उस वीडियो में मैं बिल्कुल नहीं हूँ और वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की शक्ल-सूरत मुझसे बिल्कुल नहीं मिलती। फिर भी, मुझे हैरानी होती है कि इतने ऊँचे धार्मिक पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक आकाओं के कहने पर झूठा प्रचार कर रहे हैं और सिर्फ़ मुझे बदनाम करने के लिए गलत और नुकसान पहुँचाने वाली जानकारी फैला रहे हैं”

सीएम मान ने आगे कहा कि, “धर्म का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। हालाँकि मैं श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानता हूँ, लेकिन पूरी ‘संगत’ अच्छी तरह जानती है कि वहाँ राजनीतिक कारणों से नियुक्त किए गए लोग किस तरह के फ़ैसले ले रहे हैं। इसलिए, मैं उस वीडियो की सच्चाई को पूरी तरह और साफ़ तौर पर नकारता हूँ। मुझे बदनाम करने की कोशिशें, या यूँ कहें कि अकाल तख्त साहिब के एडमिनिस्ट्रेटर्स के राजनीतिक आकाओं द्वारा रची गई ये ओछी हरकतें, बिल्कुल गलत हैं।”

अकाल तख़्त का दावा, लैब से पुष्टि, वीडियो AI जनरेटेड नहीं

वही कल यानी सोमवार को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने अमृतसर में ‘पांच सिंह साहिबान’ की बैठक के बाद यह फैसला सुनाया। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की दो फोरेंसिक लैब में जांच कराई गई, जिसमें वीडियो को असली बताया गया। उनके अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि वीडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई और न ही वह एआई से बनाया गया था।

जत्थेदार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जनवरी में अकाल तख्त के समक्ष पेश होकर वीडियो को फर्जी और एआई जनरेटेड बताया था। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त सचिवालय ने इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

29 जून को विधायकों, मंत्रिमंडल को पेश होने का आदेश

दरअसल पूरा मामला जनवरी में तब शुरू हुआ था, जब अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को कुछ वीडियो क्लिप और ‘गुरु की गोलक’ संबंधी टिप्पणियों को लेकर तलब किया था। उस समय मान ने अकाल तख्त के समक्ष पेश होकर वीडियो को फर्जी बताया था और किसी भी लैब से जांच कराने की बात कही थी।

इस बीच अकाल तख्त ने पंजाब विधानसभा द्वारा पारित जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को लेकर भी आपत्ति जताई है। इसी संबंध में सभी सिख विधायकों और पंजाब मंत्रिमंडल को 29 जून को अकाल तख्त के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

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गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर आजीवन कारावास

उधर, आम आदमी पार्टी ने अकाल तख्त के फैसले पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज सिंह ने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति कौन है। (Bhagwant Mann Akal Takht Vivad) उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा ने 13 अप्रैल 2026 को सर्वसम्मति से यह कानून पारित किया था, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के मामलों में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

 

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Q1. अकाल तख्त ने भगवंत मान के खिलाफ क्या फैसला सुनाया?

A: अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया।

Q2. भगवंत मान ने वायरल वीडियो पर क्या प्रतिक्रिया दी?

A: मान ने कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं हैं और वीडियो भ्रामक है।

Q3. मुख्यमंत्री ने अकाल तख्त के जत्थेदारों पर क्या आरोप लगाए?

A: उन्होंने राजनीतिक प्रभाव में आकर झूठा प्रचार और गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।