कोयला ब्लॉक का आवंटन केवल नीलामी के माध्यम से होगा : सरकार

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कोयला ब्लॉक का आवंटन केवल नीलामी के माध्यम से होगा : सरकार

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  • Publish Date - February 2, 2026 / 08:21 PM IST,
    Updated On - February 2, 2026 / 08:21 PM IST

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) सरकार ने सोमवार को कहा कि नीति आयोग की सिफारिशों के बाद 2020 से अब तक 136 कोयला ब्लॉक की सफल नीलामी हो चुकी है और भविष्य में भी आवंटन प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जाएगा।

कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार तेलंगाना सरकार के उस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है, जिसमें राज्य के स्वामित्व वाली सिंगरेनी कोलियरीज को प्रशासनिक आधार पर तादिचेरला कोयला ब्लॉक आवंटित करने की बात कही गई है।

मंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन, तेलंगाना सरकार को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजना होगा, जिसमें स्पष्ट करना होगा कि यह ब्लॉक अन्य ब्लॉक से किस प्रकार भिन्न है। यदि ऐसा कोई प्रस्ताव आता है, तो सरकार तेलंगाना के लोगों के हित में कानून के अनुसार और नीति आयोग की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी।’’

उन्होंने कहा कि 2020 में नीति आयोग की सिफारिशों के बाद, सरकार ने कुल 136 कोयला ब्लॉक की नीलामी की है और सिंगरेनी ने स्वयं 6,000 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया है।

दुबे ने कहा, ‘‘तो फिर यह नीलामी प्रक्रिया में क्यों नहीं भाग लेती? अब तो कोल इंडिया और सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य उपक्रम भी नीलामी में भाग लेते हैं और कोयला ब्लॉक हासिल कर लेते हैं। अगर राज्य सरकार नया प्रस्ताव भेजे और बताए कि उस विशेष कोयला ब्लॉक में क्या खास बात है, तो सरकार उस पर विचार करने और निर्णय लेने के लिए तैयार है।’’

तेलंगाना से कांग्रेस सांसद एम. अनिल कुमार यादव ने सवाल किया था कि जब राज्य सरकार बार-बार प्रस्ताव दे रही है, तब भी सिंगरेनी को आवंटन क्यों नहीं किया जा रहा है, जबकि सरकार से अब भी नये प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि अतीत में भी सरकार ने सिंगरेनी को तीन ब्लॉक- नैनी, पेनागदापा और न्यू पत्रापाड़ा आवंटित किए थे।

उन्होंने कहा, “वर्ष 2022 में सरकार इन पर काम नहीं कर पाई और इन्हें भारत सरकार को वापस कर दिया। केवल नैनी कोयला ब्लॉक ही चालू है।’’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को उस कोयला ब्लॉक की खासियत बताते हुए एक नया प्रस्ताव भेजना चाहिए।

मंत्री ने बताया कि 2020 के बाद सफल नीलामी से 136 ब्लॉक आवंटित किए गए हैं और कोयला उत्पादन शुरू होने पर केंद्र सरकार को 43,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि इससे पांच लाख लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

भाषा अविनाश सुरेश

सुरेश