नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘इशारा’ अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फेस्टिवल में इस साल इटली, कोरिया, भूटान, तुर्किये, अल्बानिया और भारत सहित छह देशों के अग्रणी कठपुतली कलाकार विविध वैश्विक कठपुतली परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे।
इस बार लिटिल रेड राइडिंग हुड, डोमेनिका की शाही शादी और अमृता की दास्तां आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगे।
इसी दौरान भारतीय डाक विभाग 13 फरवरी को ‘भारत की कठपुतलियां’ विषय पर एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी करेगा।
बाइसवां अंतरराष्ट्रीय कठपुतली उत्सव 13 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया जाएगा।
इशारा पपेट थिएटर ट्रस्ट के फेस्टिवल डायरेक्टर और संस्थापक दादी डी. पदमजी ने यहां जारी एक बयान में कहा “यह एक ही मंच पर 22 वर्षों से कठपुतलियों, संगीत और जुनून का उत्सव है। दुनिया के अलग अलग कोनों की विविध संस्कृतियों के बीच एक जादुई रिश्ता कायम करते हुए डोरियों, हाथों, परछाइयों और कल्पनाओं के सहारे एक अद्भुत दुनिया रची जाएगी।’’
उन्होंने बताया कि उत्सव के दौरान डाक विभाग भारत की कठपुतलियों पर विशेष स्मारक डाक टिकटों की एक श्रृंखला का अनावरण भी करेगा।
यहां जारी एक बयान के अनुसार प्राचीन परंपराओं में रची-बसी और समकालीन रचनात्मकता से आकार लेती इस श्रृंखला में इस वर्ष इटली, कोरिया, भूटान, तुर्किये और अल्बानिया के साथ-साथ भारत के अपने प्रतिष्ठित कठपुतली उस्तादों की प्रस्तुतियों का मंचन होगा, जिन्हें विभिन्न आयु वर्गों को ध्यान में रखकर सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है।
तेरह फरवरी को कोरिया से ‘डूंग डूंग अलर्ट’, शो प्रस्तुत किया जाएगा जिसमें बाल्यावस्था की चिंता जैसे विषयों पर केंद्रित प्रस्तुति होगी और इसका निर्देशन ह्वांग सियोकयोंग करेंगे।
इसके बाद 14 फरवरी को इटली से ‘वैरिएशंस’ का शो होगा जिसमें मंच पर जन्मी डोरी कठपुतली ‘प्रोटो’, जिज्ञासा और आनंद के साथ दुनिया को खोजती है।
इसी क्रम में 15 फरवरी को अल्बानियाई शादी की थीम पर ‘रेड राइडिंग हुड मीट्स प्रिंसेस डोनिका’ का प्रदर्शन होगा।
इसमें एक जीवंत संगीतमय प्रस्तुति में रेड राइडिंग हुड की कथा को प्रिंसेस डोनिका की ऐतिहासिक शाही शादी की कहानी के साथ पिरोया गया है। लोकप्रिय तिराना पपेट थिएटर की इस प्रस्तुति का निर्देशन पाओलो कोमेंताले कर रहे हैं।
16 फरवरी को एक सच्ची घटना से प्रेरित ‘एम आई लॉस्ट?’ शीर्षक से संवेदनशील प्रस्तुति ‘सफर’ नामक एक बालक की यात्रा को दर्शाएगी जो शहर में संघर्ष और उम्मीद के बीच अपना रास्ता तलाशता है। इसका निर्देशन मोहम्मद शमीम और वी. आरती ने किया है।
यह फेस्टिवल 22 फ़रवरी को ‘अमृता शेरगिल: अ लाइफ़ लिव्ड’ के साथ समाप्त होगा। भारत की सबसे दूरदर्शी कलाकारों में से एक को समर्पित यह भावपूर्ण श्रद्धांजलि कठपुतली, संगीत और कहानी कहने की कला के माध्यम से इशारा पपेट थिएटर द्वारा जीवंत की जाएगी। इस अद्वितीय प्रस्तुति का रूपांकन और निर्देशन दादी डी. पदमजी ने किया है।
भाषा नरेश
नरेश पवनेश
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