कोलकाता, 25 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार सभी सरकारी अस्पतालों के कर्मचारियों के लिए रंग आधारित पहचान पत्र जारी करने वाली है। यह कदम चिकित्सा संस्थानों में बिचौलियों के अनधिकृत प्रवेश को रोकने के उद्देश्य से उठाया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के एक निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि चिकित्सकों, नर्सों, प्रयोगशाला तकनीशियनों, प्रशासनिक कर्मियों, सुरक्षा गार्ड और ‘ग्रुप डी’ कर्मचारियों सहित अस्पताल के विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को अलग-अलग रंगों वाले पहचान पत्र आवंटित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला कर्मचारियों को नारंगी रंग का कार्ड, जबकि सहायक प्राध्यापकों को बैंगनी, प्रशासनिक कर्मचारियों को काले, नर्सों को भूरे, सुरक्षाकर्मियों को कत्थई और ‘ग्रुप डी’ कर्मचारियों को हरे रंग के पहचान पत्र दिए जाएंगे।
अधिकारी के मुताबिक, सफाई कर्मचारियों को पीले रंग के कार्ड जारी किए जाएंगे, जबकि आउटसोर्स कर्मचारियों के पास नीले रंग के पहचान पत्र होंगे।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में निगरानी को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया गया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में केवल अधिकृत कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति हो।
अधिकारी ने कहा, ‘‘इसका उद्देश्य अस्पतालों के भीतर प्रवेश नियंत्रण को सुव्यवस्थित करना और अनधिकृत व्यक्तियों या दलालों की घुसपैठ को रोकना है। प्रत्येक कर्मचारी को ड्यूटी के दौरान निर्धारित पहचान पत्र साथ रखना होगा।’’
यह निर्देश एसएसकेएम अस्पताल, आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नेशनल मेडिकल कॉलेज और शंभूनाथ पंडित अस्पताल सहित सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों को भेजा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत, प्रत्येक अस्पताल भवन में एक नामित नोडल अधिकारी होगा, जो परियोजना के कार्यान्वयन की निगरानी और समन्वय के लिए जिम्मेदार होगा।
उन्होंने बताया कि नये पहचान पत्रों के लिए पंजीकरण आज (25 मई) से शुरू हो रहा है और इसके 28 मई तक पूरा होने की उम्मीद है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘पंजीकरण के दौरान भीड़भाड़ से बचने के लिए अस्पतालों से भीड़ प्रबंधन और स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।’’
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, चिकित्सा तकनीशियनों, प्रशासनिक कर्मचारियों, सामान्य ड्यूटी सहायकों और चालकों सहित कई समूहों में वर्गीकृत किया गया है।
भाषा सुभाष पारुल
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