आगर मालवा, सात जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों के बीच मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिला प्रशासन ने मंगलवार को नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में एक गैर-सरकारी एजेंसी द्वारा श्रद्धालुओं से नकद और आभूषण के रूप में चढ़ावा एकत्र किए जाने की शिकायतों की जांच के आदेश दिए।
मां बगलामुखी का यह प्राचीन मंदिर एक प्रसिद्ध सिद्धपीठ है, जहां चुनाव के दौरान अनेक राजनीतिक हस्तियां पूजा-अर्चना और हवन के लिए पहुंचती हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि जिला कलेक्टर प्रीति यादव ने मामले की जांच के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की है और उसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक गैर-सरकारी एजेंसी मंदिर परिसर में सरकारी प्रबंधन समिति से अलग श्रद्धालुओं से नकद तथा सोने-चांदी के आभूषणों के रूप में चढ़ावा एकत्र कर रही थी।
जांच समिति का नेतृत्व जिला पंचायत के सीईओ बी. एस. सोलंकी करेंगे। समिति के अन्य सदस्यों में जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नलखेड़ा नगर परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल शामिल हैं।
समिति प्राप्त नकदी, सोने और चांदी की मात्रा का सत्यापन करेगी। साथ ही, वह रसीद पुस्तिकाओं, बैंक खातों और अन्य अभिलेखों के आधार पर वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी तथा यह भी पता लगाएगी कि इस मामले में किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की कोई भूमिका तो नहीं है।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया सहित कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां समय-समय पर मां बगलामुखी मंदिर में पूजा-अर्चना करती रही हैं।
भाषा
सं, ब्रजेन्द्र रवि कांत