सड़क हादसे में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 66 लाख रुपये से अधिक मुआवजा दिए जाने का आदेश

सड़क हादसे में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 66 लाख रुपये से अधिक मुआवजा दिए जाने का आदेश

सड़क हादसे में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 66 लाख रुपये से अधिक मुआवजा दिए जाने का आदेश
Modified Date: September 11, 2026 / 01:18 pm IST
Published Date: September 11, 2026 1:18 pm IST

नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने उस व्यक्ति के परिवार को 66.89 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है जिसकी दिसंबर 2023 में गुरुग्राम में एक ट्रक की चपेट में आने से 27 साल की उम्र में मौत हो गई थी।

पीठासीन अधिकारी विक्रम, रमाकांत शर्मा के परिवार की ओर से दायर मुआवजा याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने ‘ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ को दावा दायर करने की तारीख से नौ प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ मुआवजे की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।

अधिकरण ने तीन सितंबर के अपने आदेश में कहा, “यह अभिलेख से साबित हो चुका है कि उक्त दुर्घटना प्रतिवादी संख्या दो (ट्रक चालक) द्वारा वाहन को तेज गति और लापरवाही से चलाने के कारण हुई।”

अधिकरण के आदेश के अनुसार, छह दिसंबर, 2023 की रात शर्मा गुरुग्राम के सेक्टर 18 से मोटरसाइकिल पर अपने घर लौट रहे थे, तभी एक ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी।

उन्हें गुरुग्राम और दिल्ली के अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन आठ दिसंबर, 2023 को सफदरजंग अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

शर्मा की पत्नी, दो बेटियों, मां और पिता ने संयुक्त रूप से मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी। उनकी 29,800 रुपये की मासिक आय के आधार पर अधिकरण ने आश्रितों को हुई क्षति की राशि 63.83 लाख रुपये तय की।

अंतिम संस्कार और संपत्ति संबंधी खर्चों के लिए अतिरिक्त राशि जोड़कर कुल मुआवजा 66.89 लाख रुपये तय किया गया।

अधिकरण ने कहा कि दुर्घटना के समय ट्रक वैध परमिट के बिना चलाया जा रहा था। अधिकरण ने बीमा कंपनी को यह अधिकार भी दिया कि वह मुआवजे की राशि वाहन के मालिक और चालक से वसूल कर सके।

मुआवजे की राशि पांचों दावेदारों के बीच बांटने का निर्देश दिया गया। इनमें से कुछ राशि तत्काल जारी करने और शेष राशि को सावधि जमा में रखने का निर्देश दिया गया। बीमा कंपनी को 30 दिन के भीतर मुआवजे की राशि जमा करने का निर्देश दिया गया।

भाषा तान्या वैभव

वैभव


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