केपीसीसी विधायक हरिदास और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद का समाधान निकालने की कोशिश कर रही
केपीसीसी विधायक हरिदास और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद का समाधान निकालने की कोशिश कर रही
कोच्चि, 11 सितंबर (भाषा) केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा है कि पार्टी तिरुवनंतपुरम के चिरायिनकीझू में कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान तलाश रही है।
केपीसीसी ने चार सितंबर को चिरायिनकीझू में हरिदास और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद वरिष्ठ नेता एम. एम. हसन की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया था।
हरिदास ने आरोप लगाया था कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उन पर हमला किया और उन्हें धमकी दी। वहीं, जिला पंचायत सदस्य सजित मुथंबलम और पार्टी नेता एस सज्जाद ने दूसरा पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि एक व्हाट्सऐप पोस्ट को लेकर विधायक हरिदास और सहयोगी उनसे उलझ गए थे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई।
केरलम में कांग्रेस का एक प्रमुख चेहरा हरिदास एक दलित महिला हैं। वह इस घटना में कथित तौर पर घायल हो गईं जिसके बाद उन्होंने चिरायिनकीझू तालुक अस्पताल में इलाज कराया।
मामले की प्राथमिक जांच के बाद पार्टी के दो कार्यकर्ताओं को निलंबित कर दिया गया था।
जोसेफ ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हसन ने अपनी जांच रिपोर्ट केपीसीसी को सौंप दी है। उन्होंने कहा, ‘केपीसीसी इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेगी।’
हरिदास के खिलाफ संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर जोसेफ ने कहा कि पार्टी सौहार्दपूर्ण समाधान की तलाश कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘हम सौहार्दपूर्ण समाधान चाहते हैं। सभी पक्षों की ओर से सौहार्दपूर्ण आचरण होना चाहिए।’
केरलम में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और दामाद तथा विधायक पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पत्र पर राज्य सरकार के फैसले के बारे में जोसेफ ने कहा कि कानूनी राय मांगी गई है।
उन्होंने कहा, ‘एक कैबिनेट फैसले के आधार पर सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर कानूनी सलाह ली जा रही है। एक बार कानूनी सलाह मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।’
ईडी ने हाल ही में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रवाडा ए चंद्रशेखर को एक पत्र भेजा था, जिसमें उसने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित रिश्वत मामले में धन शोधन रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत अपनी जांच और तलाशी के दौरान जुटाए गए ‘साक्ष्यों’ के आधार पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री विजयन तथा उनके परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सीएमआरएल ने वीणा की अब बंद हो चुकी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ कंपनी को “आईटी परामर्श सेवाओं” के नाम पर 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया।
ईडी ने मामले की जांच के सिलसिले में मई में वीणा से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी। वीणा उस समय तिरुवनंतपुरम में विजयन के साथ किराये के मकान में रह रही थीं। जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ भी की थी।
भाषा प्रचेता मनीषा
मनीषा

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