उच्च न्यायालय ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के गठन की याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

उच्च न्यायालय ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के गठन की याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

उच्च न्यायालय ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के गठन की याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
Modified Date: September 11, 2026 / 12:57 pm IST
Published Date: September 11, 2026 12:57 pm IST

नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के गठन के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा है।

न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने 1995 के वक्फ अधिनियम, जिसे वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के जरिए संशोधित किया गया है, के तहत बोर्ड के गठन की वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर दोनों सरकारों को नोटिस जारी किया।

याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि अगस्त 2023 में पिछले दिल्ली वक्फ बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए बोर्ड के गठन के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।

याचिका के अनुसार, इस बीच दिल्ली सरकार ने जनवरी 2024 में एक प्रशासक नियुक्त किया, लेकिन वैधानिक प्रावधान होने के बावजूद अब तक बोर्ड का गठन नहीं किया गया है।

न्यायमूर्ति दयाल ने आठ सितंबर को दिल्ली सरकार और केंद्र को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया।

याचिकाकर्ता मोहम्मद शाहिद ने अपनी याचिका में कहा कि 2025 के संशोधन के बाद भी संसद ने प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में वक्फ बोर्ड के गठन की वैधानिक जिम्मेदारी बरकरार रखी है। इसलिए अधिकारियों द्वारा बोर्ड का गठन न करना उनके वैधानिक दायित्व का उल्लंघन है।

याचिका में आरोप लगाया गया कि लंबे समय से बोर्ड नहीं होने कारण राजधानी में स्थित मूल्यवान वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण, अनधिकृत कब्जे, अवैध हस्तांतरण, दुरुपयोग और उनके जर्जर होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

याचिका में कहा गया, ‘‘सार्वजनिक धर्मार्थ संस्थानों, मस्जिदों, कब्रिस्तानों, शिक्षण संस्थानों और उचित वैधानिक निगरानी पर निर्भर अन्य वक्फ संस्थानों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही, वक्फ के लाभार्थियों जिनमें श्रद्धालु और मुस्लिम समुदाय के सदस्य शामिल हैं, को संसद द्वारा निर्धारित वैधानिक सुरक्षा से वंचित होना पड़ा है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रिजवान अहमद, फिरोज खान गाजी, मोहम्मद वासिक खान, हिमांशु गुप्ता और मोहम्मद शोएब अंसारी पेश हुए।

मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।

भाषा शोभना वैभव

वैभव


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