(फाइल फोटो के साथ)
रांगिया (असम), 28 मार्च (भाषा) केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक बनाने और सत्ता में बने रहने के लिए ‘घुसपैठ का मॉडल’ अपनाया।
केंद्रीय मंत्री ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम इकाई के पूर्व अध्यक्ष भावेश कलिता के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर असम को घुसपैठियों के हवाले करने का आरोप लगाया।
चौहान ने कहा, “जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब असम का जल, जंगल और जमीन घुसपैठियों के हाथों में सौंप दी गई थी, जिन्होंने कई लाख बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया । जो भी आना चाहता था, वह ऐसे प्रवेश कर सकता था कि मानो राज्य कोई धर्मशाला हो। यह हमारी जमीन है… दूसरे देशों के लोग यहां आकर क्यों बसें?”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने घुसपैठियों को आधार कार्ड देकर और उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज करके उन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।
चौहान ने कहा, “यह पाप था। कांग्रेस ने घुसपैठ का तरीका अपनाया, लेकिन भाजपा का तरीका श्रीमंत शंकरदेव के आदर्शों पर चलना और जनकल्याण के लिए काम करना है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जब 1979 में असम में विद्यार्थियों ने विदेशियों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया, तो तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आंदोलनकारियों पर गोली चलाई।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘स्वतंत्रता के समय भी कांग्रेस असम को पाकिस्तान को सौंपकर उसे वर्तमान बांग्लादेश का हिस्सा बनाने की योजना बना रही थी। मैं राज्य के पहले मुख्यमंत्री लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई को नमन करता हूं, जिन्होंने ऐसा होने से रोका।’’
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया, “1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान कांग्रेस ने एक बार फिर असम के साथ विश्वासघात किया, जब पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि वह राज्य की जनता के लिए कुछ नहीं कर सकते । इस तरह उन्होंने अपना पल्ला झाड़ लिया था।”
चौहान ने कांग्रेस पर राज्य की महान हस्तियों का अपमान करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कांग्रेस पर राज्य की महान हस्तियों का अपमान करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने गोपीनाथ बोरदोलोई या प्रख्यात गायक भूपेन हजारिका को भारत रत्न नहीं दिया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया।’’
उन्होंने राज्य का तीव्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चाय बागान श्रमिकों को भूमि स्वामित्व अधिकार नहीं दिए, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री शर्मा ने उन्हें भूमि अधिकार दिए।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश