राउरकेला, 30 अगस्त (भाषा) ओडिशा में विपक्षी कांग्रेस ने जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम पर राजनीतिक विरोधियों को धमकाने का आरोप लगाते हुए रविवार को उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
ओराम पर आरोप है कि उन्होंने ‘उनकी छवि खराब करने और उन्हें मंत्रालय से हटाने की कोशिश करने वालों को धमकी दी है।
केंद्रीय मंत्री का यह बयान उनके करीबी सहयोगी राकेश पासवान की गिरफ्तारी के बाद आया था, जिन पर राउरकेला में संगठित अपराध के एक मामले में शामिल होने का आरोप है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पासवान, सुंदरगढ़ से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)सांसद ओराम की मदद से एक संगठित अपराध गिरोह चला रहे हैं।
विपक्षी पार्टी ने ओराम के ‘धमकी भरे बयानों’ को लेकर निष्पक्ष जांच और उनके इस्तीफे की मांग की, और चेतावनी दी कि अगर मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सुंदरगढ़ जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानेंद्र दास ने ओराम पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी समुदायों के प्रमुख नेता होने का दावा करने के बावजूद, वह समुदाय के लिए पर्याप्त काम करने में नाकाम रहे हैं।
दास ने कहा,‘‘उन्हें चुनाव लड़कर अपनी ताकत दिखाने दें। सुंदरगढ़ की जनता उन्हें मुंहतोड़ जवाब देगी।’’
ओराम ने शुक्रवार को दावा किया कि हाल ही में भाजपा में शामिल हुए कुछ नेताओं ने उन्हें मंत्रालय से हटाने की साजिश रची थी, क्योंकि उन्हें लगा कि अगर उन्हें हटा दिया गया तो उन्हें केंद्रीय मंत्री बनने का मौका मिल जाएगा।
उन्होंने कहा था, ‘‘अगर कोई व्यक्ति जान-बूझकर मेरे खिलाफ गलत जानकारी फैलाता है, तो मुझमें उन्हें सजा देने की क्षमता है। राजनीति में विरोध और आलोचना तो होगी ही। लेकिन झूठ, ज्यादती और साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’’
भाषा धीरज नरेश
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