राष्ट्रगान का ‘अपमान’ : कांग्रेस, भाजपा हिमाचल विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएंगी

Ads

राष्ट्रगान का ‘अपमान’ : कांग्रेस, भाजपा हिमाचल विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएंगी

  •  
  • Publish Date - August 26, 2026 / 06:18 PM IST,
    Updated On - August 26, 2026 / 06:18 PM IST

शिमला, 26 अगस्त (भाषा) राष्ट्रगान के कथित अपमान को लेकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को एक बार फिर जबरदस्त हंगामा हुआ। सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की घोषणा की।

कांग्रेस और भाजपा के विरोधाभासी दावों के बीच दोनों पार्टियों के सदस्यों ने सदन में एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की।

यह विवाद कांग्रेस के इस दावे से पैदा हुआ है कि शुक्रवार को विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन भाजपा ने राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का अपमान किया। पार्टी ने दावा किया कि जब ‘जन गण मन’ गाया जा रहा था, तब भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने इसके खत्म होने से पहले ही हाथ उठाकर मांग की कि राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ भी गाया जाए।

हालांकि, भाजपा ने कांग्रेस के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सदन की शुक्रवार की उस समय की कार्यवाही का वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की, जब राष्ट्रगान गाया जा रहा था।

विधानसभा की ओर से वीडियो जारी किए जाने के बाद भाजपा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की कि वह इस घटना के बारे में झूठ बोलने के लिए माफी मांगें।

विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने बुधवार को प्रश्नकाल के तुरंत बाद यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर राष्ट्रगान का अपमान करने का झूठा आरोप लगाया था।

जयराम ने कहा कि विपक्ष को दिए गए वीडियो से यह आरोप गलत साबित हो गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सत्ताधारी पार्टी ने न केवल विधानसभा परिसर के भीतर, बल्कि पूरे राज्य में भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया।

जयराम ने कहा कि भाजपा इस झूठ को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करेगी।

हालांकि, मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने आरोप को दोहराते हुए कहा कि राष्ट्रगान के बारे में सवाल उठाना अपने आप में उसका अपमान है।

हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने साफ किया कि मुख्यमंत्री की ओर से सदन के बाहर की गई कोई भी टिप्पणी आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं होती है।

सुक्खू ने कहा कि भाजपा ने राष्ट्रगान का अपमान किया है और कांग्रेस राज्य के हर कोने में लोगों को इस अपमान के बारे में बताएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी भाजपा नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी।

सुक्खू ने भाजपा से मांग की कि वह राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश करने के लिए माफी मांगे। उन्होंने कहा कि जहां भारत की संस्कृति इंसानियत पर आधारित है, वहीं भाजपा की संस्कृति हमेशा से बंटवारे की रही है।

सुक्खू ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत आजादी से पहले भी कांग्रेस की विचारधारा का अहम हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा राष्ट्रगान का अपमान करने के लिए लोगों से माफी मांगती है, तो सरकार उसे माफ कर देगी।

राज्य के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने दावा किया कि परमार ने सत्र के पहले दिन राष्ट्रगान का गायन खत्म होने से पहले ही अपना हाथ उठाया था, लेकिन चूंकि कैमरा उन पर केंद्रित नहीं था, इसलिए वह इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं।

नेगी ने भाजपा पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि ऐसी हरकत के बाद पार्टी उच्च न्यायालय कैसे जा सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को समझ आ गया है कि भाजपा न तो संविधान का सम्मान करती है और न ही विधानसभा के नियमों का।

भाजपा सदस्यों की नारेबाजी के बीच नेगी ने कहा कि वह आदिवासी समुदाय से आते हैं और भाजपा एक आदिवासी विधायक को परेशान कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

नेगी ने भाजपा की विचारधारा को देश के लिए नुकसानदेह बताया।

भाषा पारुल माधव

माधव