कांग्रेस ने एनएसए के तहत हिरासत में लिए गए मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले की रिहाई की मांग की

कांग्रेस ने एनएसए के तहत हिरासत में लिए गए मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले की रिहाई की मांग की

कांग्रेस ने एनएसए के तहत हिरासत में लिए गए मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले की रिहाई की मांग की
Modified Date: September 6, 2026 / 12:30 am IST
Published Date: September 6, 2026 12:30 am IST

गुवाहाटी, पांच सितंबर (भाषा) कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की असहमति को दबाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने जैसे असंवैधानिक तरीकों का सहारा ले रही है।

गोगोई ने आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले को इस कड़े कानून के तहत हिरासत में लिए जाने का हवाला दिया।

स्वदेशी अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

यह कार्रवाई उस समय हुई, जब अदालत ने पिछले महीने असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास प्रस्तावित पांच सितारा होटल के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में उन्हें जमानत दे दी थी।

गोलाघाट जिले के बोकाखाट में इस मुद्दे को लेकर आयोजित नागरिक विरोध सभा में डोले की बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए सांसद ने आरोप लगाया कि उनकी हिरासत लोगों को उनके अधिकारों से वंचित करने और कॉरपोरेट हितों के लिए काजीरंगा की विशिष्टता को कमजोर करने की सरकार की एक साजिश है।

सभा को संबोधित करते हुए गोगोई ने सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह जनता की असहमति की आवाजों को दबाने के लिए एनएसए जैसे असंवैधानिक उपायों का सहारा ले रही है।

भाषा तान्या रंजन

रंजन


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