नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने भाजपा को प्रतिबंधित करने की बात कही थी।
सत्तारूढ़ दल ने आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी पार्टी अब भी ‘आपातकाल की मानसिकता’ से ग्रस्त है और लोकतंत्र के लिए खतरा है।
गहलोत ने रविवार को जयपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आज सत्ता में होतीं, तो वह ऐसी पार्टी पर प्रतिबंध लगा देतीं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गहलोत की बातों से ज्ञात होता है कि कांग्रेस ने इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाये गये आपातकाल से कोई सबक नहीं सीखा है।
भंडारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा एक वीडियो पोस्ट में कहा, ‘‘अशोक गहलोत के बयान से यह स्पष्ट हो जाता है कि कांग्रेस लोकतंत्र-विरोधी है। गांधी-वाद्रा परिवार भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है… अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो वह इमरजेंसी लागू करेगी और लोकतंत्र को नष्ट कर देगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने आज भी आपातकाल से कोई सबक नहीं सीखा है। आपातकाल लागू करने के लिए माफी मांगने के बजाय, वह अब भी उसका महिमामंडन कर रही है।’’
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो वह एक बार फिर आपातकाल लगाने से नहीं हिचकिचाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि अगर पार्टी सत्ता में लौटती है, तो वह फिर से आपातकाल लगा सकती है। इससे ज्ञात होता है कि कांग्रेस में अब भी आपातकाल वाली मानसिकता है।’’
भंडारी ने कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक विरोधियों को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘राहुल गांधी, सोनिया गांधी और गांधी-वाद्रा परिवार राजनीतिक विरोधियों को प्रतिबंधित करना चाहते हैं। कांग्रेस विपक्ष की आवाज को दबाने और लोकतंत्र को कमजोर करने में विश्वास रखती है।’’
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘देश की जनता कांग्रेस की इस राजनीतिक साजिश को समझती है। इसीलिए उन्होंने पार्टी को विपक्ष में रखा है।’’
भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी गहलोत पर निशाना साधा और कहा कि उनकी बातें हिंदुत्व और हिंदुओं के प्रति पार्टी की ‘‘आपातकाल वाली और असहिष्णु’’ सोच को प्रतिबिंबित करती हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ उच्चतम न्यायालय ने हिंदुत्व को ‘जीवनशैली’ बताया है। लेकिन कांग्रेस जो वास्तव में ‘मुस्लिम लीग कांग्रेस’ में बदल चुकी है अब हिंदुत्व और हिंदुओं की राजनीतिक अभिव्यक्ति पर रोक लगाना चाहती है?’’
गहलोत ने कहा था, “यदि आज इंदिरा गांधी जीवित होतीं और सत्ता में होतीं तो वह भाजपा जैसे दल पर प्रतिबंध लगा देतीं। आप हिंदुत्व और धर्म के आधार पर राजनीतिक दल नहीं चला सकते। संविधान धर्म के नाम पर राजनीति की अनुमति नहीं देता।”
भाषा
धीरज दिलीप
दिलीप