दिल्ली एमएसीटी ने पीड़िता की मां को 92.58 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया

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दिल्ली एमएसीटी ने पीड़िता की मां को 92.58 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 07:01 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 07:01 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने गोवा में दिसंबर 2016 में सड़क हादसे में 28 वर्षीय महिला की मौत के मामले में उसकी मां को 92.58 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

पीठासीन अधिकारी ऋचा मनचंदा हादसे में दिवंगत मेघा सहरावत की मां की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

गोवा में 30 दिसंबर 2016 को सड़क हादसे में मेघा की मौत हो गयी थी। एक मिनी बस ने पीड़िता के स्कूटर को टक्कर मार दी थी ।

एमएसीटी ने छह जून के अपने आदेश में कहा, “उपरोक्त चर्चा और रिकॉर्ड पर आए साक्ष्यों को देखते हुए, याचिकाकर्ता यह साबित करने में सफल रहे हैं कि संभावना के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि पीड़िता को सड़क हादसे में घातक चोटें आयी थीं जो मिनी बस चालक की तेज और लापरवाही से की गई ड्राइविंग के कारण हुई थीं।”

एमएसीटी ने प्राथमिकी, आरोप पत्र, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों पर भरोसा किया और कहा कि चालक ने आरोपों का खंडन करने के लिए अदालत में गवाही नहीं दी।

पीड़िता की मां कुसुम ने एमएसीटी में मुआवजे की याचिका दायर की थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी बीटेक और एमबीए स्नातक थी, मुंबई की एक कंपनी में नौकरी कर रही थी और आर्थिक रूप से उनका सहयोग करती थी।

हालांकि कुछ नौकरी से जुड़े रिकॉर्ड औपचारिक रूप से साबित नहीं किए जा सके, लेकिन एमएसीटी ने पीड़िता के बैंक खाते के स्टेटमेंट पर भरोसा किया, जिसमें वेतन जमा होने के प्रमाण मिले। इसके आधार पर अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि दुर्घटना के समय उसकी शुद्ध मासिक आय 64,342 रुपये थी।

एमएसीटी ने कुल 92.58 लाख रुपये का मुआवजा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 19 अप्रैल 2017 से लेकर भुगतान होने तक देने का आदेश दिया।

इसने यह भी कहा कि दुर्घटना के समय संबंधित वाहन का बीमा था, इसलिए उसने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह 30 दिनों के भीतर यह राशि जमा करे।

भाषा तान्या रंजन

रंजन