कांग्रेस ने नेहरू की पंचायती राज और जमीनी लोकतंत्र की परिकल्पना को किया मजबूत: डोटासरा
कांग्रेस ने नेहरू की पंचायती राज और जमीनी लोकतंत्र की परिकल्पना को किया मजबूत: डोटासरा
जयपुर, 27 मई (भाषा) कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार को कहा कि पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पंचायती राज और जमीनी लोकतंत्र की परिकल्पना को मजबूत किया है।
पुष्कर में पार्टी के ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत आयोजित प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि नेहरू का मानना था कि लोकतंत्र की शुरुआत गांव स्तर से होनी चाहिए और विकेंद्रीकृत शासन के माध्यम से सत्ता लोगों तक पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘नेहरू ने गांवों को मात्र प्रशासनिक इकाई नहीं माना, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय विकास और सामाजिक न्याय की रीढ़ समझा।’’
डोटासरा ने याद दिलाया कि नेहरू ने दो अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले से देश की पहली पंचायती राज प्रणाली की औपचारिक शुरुआत की थी।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने शिविर में जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए महिलाओं के सशक्तीकरण और राजनीतिक भागीदारी पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘नारी न्याय’ और समानता के लिए प्रतिबद्ध है और पार्टी ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून बनाए।
पार्टी नेता टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और जमीनी संगठनात्मक ढांचा पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने जिला अध्यक्षों से पार्टी की विचारधारा और कल्याणकारी नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
राजस्थान महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह ने कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की मांग है और उन्होंने पार्टी नेताओं से महिलाओं को अधिक नेतृत्व अवसर देने का आग्रह किया।
भाषा बाकोलिया शोभना
शोभना

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