वांगचुक ने मेदांता भेजे जाने से पहले सफदरजंग में उत्पीड़न का आरोप लगाया, अस्पताल ने दी सफाई
वांगचुक ने मेदांता भेजे जाने से पहले सफदरजंग में उत्पीड़न का आरोप लगाया, अस्पताल ने दी सफाई
नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने पिछले कुछ दिनों के अपने अनुभव साझा करते हुए शुक्रवार देर रात यूट्यूब पर एक वीडियो जारी किया जिसकी एक क्लिप में वांगचुक सफदरजंग अस्पताल से बाहर जाने को लेकर एक सुरक्षाकर्मी से बहस करते दिखायी दे रहे हैं।
हालांकि, सफदरजंग अस्पताल ने कहा है कि यह वीडियो अस्पताल प्रशासन को उच्च न्यायालय का लिखित आदेश मिलने से पहले रिकॉर्ड किया गया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल ले जाए जाने की अनुमति दी थी।
दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को वांगचुक को जंतर-मंतर स्थित कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन स्थल से जबरन सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। वांगचुक प्रश्नपत्र लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कॉजपा की मांगों के समर्थन में 28 जून को आमरण अनशन पर बैठे थे।
दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद उन्हें 21 जुलाई को मेदांता अस्पताल ले जाया गया।
वीडियो में वांगचुक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि प्रशासन या तो उन्हें गिरफ्तार करे या फिर अस्पताल से जाने दे।
वांगचुक वीडियो में कहते हैं, ‘‘आप मुझे परेशान कर रहे हैं… अगर तनाव के कारण मेरी मौत हो गई तो इसकी जिम्मेदारी आपकी होगी।’’
वीडियो के एक अन्य हिस्से में वह कहते सुनाई देते हैं, ‘‘अगर गिरफ्तार करना है तो कर लीजिए, लेकिन मैं यहां से जा रहा हूं।’’
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने कहा कि यह वीडियो वांगचुक के सहयोगियों द्वारा 21 जुलाई को अस्पताल के भीतर ऐसे क्षेत्र में रिकॉर्ड किया गया था, जहां वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं थी और इसे शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया।
अस्पताल प्रशासन ने कहा, ‘‘यह वीडियो उस समय रिकॉर्ड किया गया था, जब अस्पताल प्रशासन को उच्च न्यायालय का लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ था। उस समय वांगचुक मीडिया में आई जानकारी के आधार पर अस्पताल से जाने पर जोर दे रहे थे।’’
अस्पताल ने कहा, ‘‘यह उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय का लिखित आदेश प्राप्त होते ही उसी दिन शाम छह बजकर 40 मिनट पर वांगचुक को गुरुग्राम स्थित मेदांता के चिकित्सकों की टीम को सौंप दिया गया था।’’
वांगचुक ने बृहस्पतिवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपनी पत्नी गीतांजलि आंग्मो तथा केंद्रीय मंत्रियों जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त कर दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा था कि उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा संबंधी अपनी प्रमुख मांगों पर सरकार तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
भाषा गोला सिम्मी
सिम्मी

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