नायडू पर कांग्रेस का कटाक्ष : एनसीपीआई ने तेदेपा को पीछे छोड़ दिया
नायडू पर कांग्रेस का कटाक्ष : एनसीपीआई ने तेदेपा को पीछे छोड़ दिया
नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) कांग्रेस ने महिला आरक्षण एवं परिसीमन से संबंधित विधेयक पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के एक बयान को लेकर मंगलवार को उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया’ (एनसीपीआई) ने लोकसभा सदस्यों की संख्या के मामले में तेलुगु देशम पार्टी को पीछे छोड़ दिया है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने गृह मंत्री अमित शाह का हवाला देते हुए यह सवाल भी किया कि खुद को चाणक्य बताने वाले नेता आखिर कौन सी चालें चल रहे हैं?
नायडू ने एक अंग्रेजी दैनिक को दिए साक्षात्कार में कहा है कि सभी राज्यों की लोकसभा सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि के प्रावधान साथ परिसीमन का विधेयक फिर पेश किया जाएगा।
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री लोकसभा में विपक्ष के साथ अन्याय कर रहे हैं। 16 अप्रैल, 2026 को तेदेपा ने खुद संविधान संशोधन विधेयक में एक संशोधन का सुझाव दिया था, जिससे यह साफ़ हो जाता कि लोकसभा में हर राज्य की मौजूदा संख्या भी 50 प्रतिशत बढ़ जाएगी। लेकिन बहुत ज़्यादा आत्मविश्वास और अहंकार में चूर केंद्रीय गृह मंत्री ने कभी भी ऐसा संशोधन पेश नहीं किया जिसकी तेदेपा मांग कर रही थी।’
उन्होंने कहा कि असली सवाल यही है कि खुद को चाणक्य बताने वाले वह नेता आखिर कौन सी चालें चल रहे हैं, जिनकी असलियत 17 अप्रैल, 2026 की शाम (संविधान संशोधन विधेयक पर मतदान वाले दिन) सबके सामने आ गई थी?
रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब तेदेपा को ‘नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया’ (एनसीपीआई) जैसी कम जानी-पहचानी पार्टी ने लोकसभा सदस्यों की संख्या के मामले में पीछे छोड़ दिया है।
तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय और राजग को समर्थन देने की घोषणा की है।
लोकसभा में तेदेपा के 16 सदस्य हैं और वह अब तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का दूसरा सबसे बड़ा घटक थी।
भाषा हक मनीषा
मनीषा

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