गुजरात और हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना लागू करेगी कांग्रेस: गहलोत

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना लागू करेगी कांग्रेस: गहलोत

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना लागू करेगी कांग्रेस: गहलोत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: September 20, 2022 6:47 pm IST

जयपुर, 20 सितंबर (भाषा) राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि गुजरात व हिमाचल प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो वहां भी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पूरी तरह अध्ययन के बाद राज्‍य में कर्मचारियों के लिए ओपीएस को दुबारा लागू करने का फैसला मानवीय आधार पर क‍िया।

गहलोत ने मंगलवार को यहां एक बयान में कहा, ‘‘एक जनवरी 2004 के बाद नियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए नयी पेंशन योजना (एनपीएस) लागू किए जाने से उनमें भविष्य के प्रति असुरक्षा एवं अनिश्चितता का भाव आ गया था। पूरे देश में सबसे पहले राजस्थान में हमारी सरकार ने कर्मचारी हित में मानवीय दृष्टिकोण से पुरानी पेंशन योजना बहाल की। इसके बाद छत्तीसगढ़ व झारखंड की सरकार ने भी इसे बहाल करने का निर्णय लिया है।’’

उन्‍होंने कहा, ‘‘गुजरात और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर वहां के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी।’’

इन राज्‍यों में विधानसभा चुनाव इस साल के आख‍िर में होना है।

गहलोत ने कहा, ‘‘अब अन्‍य सरकार भी इस पर विचार कर रही हैं। तमाम राज्‍यों में कर्मचारी संगठनों में आक्रोश है कि बाकी सरकारें इसे (ओपीएस) लागू क्‍यों नहीं कर रहीं। राहुल गांधी ने भी अभी सैद्धांतिक रूप से घोषणा कर दी है कि अगली बार गुजरात में हमारी सरकार बनेगी तो वहां पर पुरानी पेंशन प्रणाली लागू की जाएगी। इसी प्रकार राहुल गांधी की भावना आप समझ सकते हैं चाहे वह ह‍िमाचल प्रदेश हो या गुजरात हो … जहां हमारी सरकार बनेगी वहां सभी जगह ओपीएस लागू की जाएगी।’’

उन्‍होंने कहा, ‘‘मैं फ‍िर कहना चाहूंगा कि यह मानवीय दृष्टिकोण से बहुत उचित निर्णय है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करना चाहूंगा कि वे (ओपीएस लागू करवाने के लिए) इसकी समीक्षा करवाएं। हमने पूरी तरह अध्‍ययन करने के बाद इसे दुबारा लागू किया है। इसलिए मैं बाकी राज्‍य सरकारों से भी अपील करूंगा कि वे सभी इसे लागू करवाएं।’’

भाषा पृथ्‍वी कुंज

राजकुमार नेत्रपाल

नेत्रपाल


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