वायनाड (केरल), सात अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को दावा किया कि केरल में मुंडक्कई-चूरलमाला भूस्खलन की घटना के पीड़ितों के लिए पार्टी की आवासीय परियोजना में राज्य की वाम सरकार से मंजूरी समय पर न मिलने की वजह से देरी हुई।
प्रियंका ने यहां कलपेट्टा में यूडीएफ गठबंधन की एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि एलडीएफ की टाउनशिप के उद्घाटन के बाद ही कांग्रेस की परियोजना को मंजूरी दी गई।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग में मेरे साथियों को भी ये ही दिक्कतें हुई होंगी।’’
प्रियंका की यह दलील वायनाड आवासीय परियोजना के लिए धन इकट्ठा करने और पैसे के इस्तेमाल के संबंध में कांग्रेस पर अनियमितताओं के आरोपों के बीच आई है।
कांग्रेस महासचिव ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर भी हमला किया और सवाल किया कि भ्रष्टाचार के कई आरोपों का सामना करने के बावजूद उनके खिलाफ कोई मामला क्यों नहीं है, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का विरोध करने वालों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘तो, यह साफ है कि उनके बीच एक गुप्त समझौता है और वे अपने राजनीतिक फायदे के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।’’
प्रियंका ने यह आरोप भी लगाया कि केरल में पिछले 10 सालों के एलडीएफ राज में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, बेरोजगारी बढ़ी है, राज्य पर बहुत ज्यादा कर्ज है, और कर बढ़ गए हैं, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
पहाड़ी इलाकों में बढ़ते मानव-पशु संघर्ष की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए, वायनाड से कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस समस्या का हल निकालने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और मिलकर काम करने की जरूरत है, लेकिन एलडीएफ इसके लिए तैयार नहीं है।
उन्होंने मतदाताओं से 9 अप्रैल के चुनाव में यूडीएफ के पक्ष में वोट डालने की अपील की।
भाषा वैभव मनीषा
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