चंडीगढ़, 20 फरवरी (भाषा) हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने शुक्रवार को कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब सत्ता पक्ष और विपक्षी दल संविधान का अक्षरशः पालन करते हैं और उसकी भावना के अनुरूप मिलकर काम करते हैं।
राज्यपाल ने बजट सत्र के पहले दिन राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए विचारों की विविधता को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया।
घोष ने कहा, “यह सदन जनता की आवाज है और सरकार का यह दायित्व है कि वह ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ उस आवाज को परिणामों में परिवर्तित करे।”
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र तभी सही मायने में मजबूत होता है जब सत्ता पक्ष और विपक्षी दल संविधान का अक्षरशः पालन करते हैं और उसकी भावना के अनुरूप मिलकर काम करते हैं।’’
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि सत्र के दौरान होने वाली चर्चाएं रचनात्मक होंगी।
उन्होंने कहा कि वह सदन द्वारा संवाद और आम सहमति के माध्यम से ऐतिहासिक निर्णय लिए जाने की आशा करते हैं।
घोष ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार सत्ता को जनसेवा का एक साधन मानती है और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत से निर्देशित सुशासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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राखी मनीषा
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