पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उत्पन्न चुनौतियों का मिलकर सामना करें देशवासी: मोदी ने की अपील

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पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उत्पन्न चुनौतियों का मिलकर सामना करें देशवासी: मोदी ने की अपील

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  • Publish Date - March 29, 2026 / 12:17 PM IST,
    Updated On - March 29, 2026 / 12:17 PM IST

नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी ‘‘भीषण युद्ध’’ के कारण पैदा हो रही चुनौतियों का सभी नागरिकों से एकजुट होकर सामना करने की अपील करते हुए रविवार को कहा कि सभी को सतर्क रहना चाहिए तथा अफवाहों के झांसे में नहीं आना चाहिए।

मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे और वहां काम कर रहे एक करोड़ भारतीयों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए वह उन देशों के अत्यंत आभारी हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘हमारे पड़ोस’’ में एक महीने से अधिक समय से ‘‘भीषण युद्ध’’ जारी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह निस्संदेह चुनौतीपूर्ण समय है। मैं आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से 140 करोड़ देशवासियों से एक बार फिर आग्रह करता हूं कि हमें इस चुनौती से पार पाने के लिए एकजुट होकर आगे आना होगा। मैं अपने सभी देशवासियों से अपील करता हूं कि वे सतर्क रहें और अफवाहों के झांसे में न आएं।’’

पश्चिम एशिया संघर्ष 28 फरवरी को उस समय शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने पड़ोस में अमेरिका के सहयोगियों और इजराइल को निशाना बनाया।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नौवहन को बाधित कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक प्रमुख समुद्री मार्ग है और इसके जरिये दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा की ढुलाई होती है। संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने बहुत कम पोतों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी है।

पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से मोदी ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, ईरान, फ्रांस, इजराइल और मलेशिया सहित विश्व के कई नेताओं से बात की है।

उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बात की है। मोदी ने दोनों नेताओं के बीच 24 मार्च को टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद कहा था कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर ‘‘विचारों का सार्थक आदान-प्रदान’’ हुआ।

भाषा

सिम्मी अमित

अमित