वेतन का भुगतान नहीं होने के मामले में अदालत ने दिल्ली सरकार, नगर निगम से नाराजगी जताई

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वेतन का भुगतान नहीं होने के मामले में अदालत ने दिल्ली सरकार, नगर निगम से नाराजगी जताई

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  • Publish Date - January 21, 2021 / 02:24 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:54 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने यहां तीनों नगर निगमों के कर्मचारियों को वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं होने के मामले में ‘गैरजिम्मेदार’ अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर चीजें नहीं बदलतीं और ऐसे ही चलता रहा तो उसे हैरानी नहीं होगी कि इन सबमें शामिल नेताओं और लोगों को लोग मिलकर पीटना शुरू कर दें।

उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि नगर निगमों और स्थानीय निकायों के बकाया कर्ज के ऐवज में उनसे लिये गये धन को दो सप्ताह के भीतर उन्हें लौटाया जाए।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा, ‘‘हमारे विचार से, दिल्ली सरकार द्वारा ऐसे हालात में ऋण में कमी लाना उचित नहीं है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब पिछले तीन साल से अधिक समय से नगर निगमों द्वारा कर्ज की भरपाई की बात पर विचार चल रहा है।’’

पीठ ने मौखिक रूप से कहा, ‘‘अपने नेताओं को बताएं कि उन्हें परिपक्व होना पड़ेगा और इन सबसे ऊपर उठना होगा। अगर चीजें नहीं बदलतीं और ऐसे ही चलता रहा तो हमें हैरानी नहीं होगी, यदि इसमें शामिल नेता और लोगों को जनता सरेआम पीटना शुरू कर दे।’’

न्यायमूर्ति सांघी ने कहा, ‘‘मैं बता नहीं सकता कि हम आप सभी (दिल्ली सरकार और नगर निगमों) से कितने खिन्न हैं। आपको कर्मचारियों की कोई फिक्र नहीं है। आप पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं और आपको गरीब कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के बारे में बिल्कुल चिंता नहीं है।’’

पीठ उत्तर, पूर्वी और दक्षिण दिल्ली नगर निगमों द्वारा अपने विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन का भुगतान नहीं किये जाने से संबंधित अनेक याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

भाषा वैभव माधव

माधव