नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या को जोरशेर से उठाने वाले विजय गोयल ने मंगलवार के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया जिसमें कहा गया है कि सम्मान के साथ जीने के अधिकार में कुत्तों के हमले से मुक्त होकर जीने का अधिकार भी शामिल है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस समस्या के लिए ‘‘मुट्ठी भर तथाकथित कुत्ते प्रेमियों और कुत्तों को खाना खिलाने वालों’’ को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि जब भी कोई आवारा कुत्तों के हमलों के खिलाफ विरोध करता था, तो ये लोग पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर लोगों को डराकर रखते थे।
हालांकि, उन्हें यह नहीं लगता कि उच्चतम न्यायालय का आदेश समस्या से तत्काल राहत दिलाएगा।
गोयल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अदालत के आदेश के बावजूद, इस मुद्दे से निपटने में अब भी ढिलाई बरती जाएगी, क्योंकि व्यवस्था ही सुस्त है। दिल्ली में अब भी कुत्तों के लिए कोई आश्रय गृह नहीं हैं; इस मुद्दे पर चर्चा करने या लोगों से राय लेने के लिए कोई बैठकें नहीं हुई हैं; और कुत्तों को खाना खिलाने के लिए स्थानों का भी अब तक निर्धारण नहीं हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संबंध में कार्रवाई के लिए दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को पत्र लिखे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘देशभर में सभी आवासीय कल्याण संघों को उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत करना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित राज्य सरकारें इसे लागू करने के लिए कार्रवाई करें।’’
दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रह चुके गोयल ने यह भी कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या इतना विकराल रूप ले चुकी है कि अदालत को कहना पड़ा कि उग्र और खतरनाक कुत्तों को मारने पर विचार होना चाहिए।
भाषा वैभव रंजन
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