नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) मोहाली की एक विशेष अदालत ने साल 2019 में हेरोइन और मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन जब्त होने के मामले में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के पाकिस्तान में रहने वाले स्वयंभू प्रमुख के एक करीबी सहयोगी की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है।
एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि वरिंदर सिंह चहल की एक संपत्ति (24 कनाल, 14 मरला और चार सरसाई) पंजाब के अमृतसर ग्रामीण जिले के देवीदासपुरा गांव में है। विशेष अदालत ने बुधवार को कठोर गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम 1967 के तहत संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया।
उन्होंने कहा, इसे ‘अंतररष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करों के नार्को-आतंकवादी नेटवर्क पर एनआईए की बड़ी कार्रवाई” के रूप में देखा जा रहा है।
चहल 22 जनवरी, 2020 को एनआईए द्वारा दर्ज एक मामले में आरोपी है। यह मामला 2019 में चहल और दो अन्य आरोपियों – जगबीर सिंह समरा और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी से 500 ग्राम हेरोइन और 1.20 लाख रुपये के मादक पदार्थ की तस्करी से अर्जित धन जब्त होने से संबंधित है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘मामले की बाद की जांच से पता चला कि वरिंदर चहल दुबई में रहने वाले अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्कर और धन शोधन में शामिल जसमीत सिंह हकीमज़ादा का करीबी सहयोगी है, और पाकिस्तान में रहने वाले केएलएफ के स्वयंभू प्रमुख हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी का भी करीबी सहयोगी है।”
भाषा जोहेब अविनाश
अविनाश