तिरुवनंतपुरम, छह मई (भाषा) केरल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बुधवार को कहा कि वह सभी पार्टी कार्यकर्ताओं की बात सुनने के बाद आवश्यक सुधार करेगी।
पिनराई विजयन समेत शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में हुई पार्टी की राज्य सचिवालय बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए, माकपा के प्रदेश सचिव एम. वी. गोविंदन ने कहा कि पार्टी वापसी के लिए अपने कार्यकर्ताओं को भरोसे में लेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सचिवालय के सदस्य मई और जून में होने वाली दो दिवसीय जिला सचिवालय और जिला समिति की बैठकों में भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, प्रदेश समिति के सदस्य सभी क्षेत्रीय समिति बैठकों में भाग लेंगे, जिला समिति के सदस्य स्थानीय समिति बैठकों में शामिल होंगे और क्षेत्रीय समिति के नेता प्रत्येक सदस्य की बात सुनने के लिए शाखा समिति की बैठकें बुलाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश समिति के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पार्टी के भीतर राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ विपक्ष द्वारा किए गए झूठे प्रचार का भी हार में योगदान था।
गोविंदन ने कहा, “चुनाव समीक्षा केवल प्रदेश समिति द्वारा नहीं की जाएगी। यह निर्णय लिया गया है कि सभी पार्टी सदस्यों की बात सुनने और उनके विचारों पर विचार करने के बाद ही यह समीक्षा की जाएगी।”
उन्होंने परोक्ष तौर पर स्वीकार किया कि पार्टी चुनाव से पहले जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की बात पर्याप्त रूप से सुनने में विफल रही।
उन्होंने कहा, “पार्टी ऐसा वातावरण सुनिश्चित करना चाहती है जहां प्रत्येक सदस्य स्वतंत्र रूप से और बिना किसी भय के अपनी राय व्यक्त कर सके।”
वर्ष 2019 और 2024 के संसदीय चुनाव के ‘वोट शेयर’ आंकड़ों (क्रमशः 35.1 और 33.35 प्रतिशत) का हवाला देते हुए गोविंदन ने कहा कि पार्टी ने आवश्यक सुधार करके पहले भी वापसी की थी।
उन्होंने कहा कि इस चुनाव में एलडीएफ को केवल 37.6 प्रतिशत वोट मिले, जो तुलनात्मक रूप से कम है। माकपा नेता ने कहा कि केरल में हर पांच साल में सरकार बदलने का इतिहास रहा है, लेकिन एलडीएफ ने लगातार दो कार्यकाल जीतकर इस चलन को बदल दिया।
गोविंदन ने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि एलडीएफ सत्ता में वापसी करने में सक्षम है। इसे हासिल करने के लिए पार्टी निश्चित रूप से सुधार करेगी और हम यह बात अपने सभी सदस्यों और केरल की जनता के सामने खुलकर कहना चाहते हैं।”
उन्होंने चुनाव विजय जुलूस के दौरान पलक्कड़ में पार्टी के जिला समिति कार्यालय पर हुए हमले की भी निंदा की।
हालांकि, पत्रकारों द्वारा वाम दलों की चुनावी हार के कारणों के बारे में कई सवाल पूछे जाने के बावजूद गोविंदन ने कोई जवाब नहीं दिया।
केरल विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने 35 सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) ने 102 सीट हासिल कीं और भाजपा ने तीन सीट जीतीं।
भाषा अमित पवनेश
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