चक्रवात ‘बिपारजॉय’: महाराष्ट्र, गुजरात में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 33 टीमें बनायी गयी

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चक्रवात ‘बिपारजॉय’: महाराष्ट्र, गुजरात में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 33 टीमें बनायी गयी

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  • Publish Date - June 14, 2023 / 05:58 PM IST,
    Updated On - June 14, 2023 / 05:58 PM IST

नयी दिल्ली, 14 जून (भाषा) गुजरात के कच्छ जिले में जखौ बंदरगाह के पास चक्रवात ‘बिपारजॉय’ के संभावित दस्तक से पहले राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने गुजरात और महाराष्ट्र में राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए कुल 33 टीमों को जिम्मा सौंपा गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी।

एनडीआरएफ की 18 टीमों को गुजरात में रखा गया है, एक को दीव में तैनात किया गया है।

दीव उत्तर में गुजरात के गिर सोमनाथ और अमरेली जिलों से और तीन ओर से अरब सागर से घिरा हुआ है।

अधिकारियों ने गुजरात में एनडीआरएफ की तैनाती का खाका देते हुए कहा कि एनडीआरएफ की चार टीमों को कच्छ जिले में, राजकोट और देवभूमि द्वारका में तीन-तीन, जामनगर में दो, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, मोरबी, वलसाड और गांधीनगर में एक-एक टीम तैनात की गई है।

अधिकारियों ने कहा कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की कुल 14 टीमों में से पांच को मुंबई में तैनात किया गया है जबकि बाकी को तैयार स्थिति में रखा गया है। उन्होंने बताया कि इनमें से प्रत्येक टीम में लगभग 35-40 कर्मी हैं और वे पेड़ और खंभा कटर, बिजली से चलने वाली आरी, हवा भरकर फुलाये जाने वाली नौका और आम बीमारियों की दवाएं और राहत सामग्री से लैस हैं।

एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक (अभियान) मोहसिन शहीदी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राज्य के अधिकारियों और एनडीआरएफ ने पिछले दो दिनों में गुजरात के तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर लोगों को निकालने का अभियान चलाया है और 45,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

उन्होंने कहा कि संघीय आपदा रोधी बल के लिए ‘‘मुख्य ध्यान वाला क्षेत्र’’ गुजरात का सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र है जहां आठ जिलों और 442 निचले इलाकों के गांवों के चक्रवात के प्रभाव से तेज बारिश और बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि ‘बिपारजॉय’ बुधवार को मार्ग बदलने और उत्तर-पूर्व दिशा में कच्छ तथा सौराष्ट्र की ओर बढ़ने को तैयार है तथा यह बृहस्पतिवार शाम को जखौ बंदरगाह के पास पहुंचेगा।

भाषा अमित माधव

माधव