एक मार्च से बढ़ सकती है चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी: मुख्यमंत्री हिमंत

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एक मार्च से बढ़ सकती है चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी: मुख्यमंत्री हिमंत

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  • Publish Date - February 19, 2026 / 05:57 PM IST,
    Updated On - February 19, 2026 / 05:57 PM IST

गुवाहाटी, 19 फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर हितधारकों के साथ जारी बातचीत सफल रही तो राज्य में चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी एक मार्च से बढ़ सकती है।

शर्मा ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कहा कि श्रम कल्याण मंत्री रूपेश गोवाला विभिन्न चाय संघों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “रूपेश गोवाला इस पर काम कर रहे हैं। अगर संभव हुआ तो हम एक मार्च तक दैनिक मजदूरी में वृद्धि की खुशखबरी देंगे।”

चाय बागान श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी में आखिरी बार अक्टूबर 2023 में 18 रुपये की वृद्धि की गई थी।

ब्रह्मपुत्र घाटी में दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 250 रुपये कर दी गई, जबकि बराक घाटी के श्रमिकों को 228 रुपये मिलने शुरू हो गए।

असम की वित्त मंत्री अजंता नियोग ने मंगलवार को अपने बजट भाषण में कहा था कि राज्य सरकार इस वर्ष से बागान श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी बढ़ाने के लिए चाय संघों के साथ बातचीत कर रही है।

उन्होंने 2026-27 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा था, “हमारे चाय उद्योग की समृद्धि सीधे हमारे चाय बागान श्रमिकों के हाथों में जानी चाहिए। इसलिए, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम इस वर्ष के भीतर अपने चाय बागान श्रमिकों के लिए बढ़ी हुई मजदूरी की घोषणा करने के लिए चाय संघों के साथ बातचीत को अंतिम रूप दे रहे हैं।”

असम विधानसभा की 126 सीट के लिए चुनाव इस वर्ष मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है।

शर्मा ने यह भी कहा कि इस मामले में कानूनी बाधाएं दूर हो जाने के बाद सरकार जल्द ही चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टे वितरित करना शुरू कर देगी।

भाषा जितेंद्र माधव

माधव